लाटघाट, । सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर पर बहन ेवाली घाघरा नदी का जल स्तर दो दिनों से घट रहा है। चौबीस घंटे में डिघिया गेज पर 19 सेमी तो बदरहुआ गेज पर 20 सेमी जलस्तर घट गया। वहीं बाढ़ से घिरे परिषदीय विद्यालयों को प्रशासन ने बंद करा दिया। जल स्तर घटने के बाद भी अभी भी दर्जन भर गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। प्रशासन की ओर से नावों का संचालन शुरू न कराने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी से आवागमन करने का मजबूर हैं। रविवार को डिघिया गेज पर खतरा बिंदु से 66 सेमी, बदरहुआ गेज पर 6 सेमी ऊपर नदी बह रही थी。
घाघरा नदी का जलस्तर
घाघरा नदी के जलस्तर में दो दिनों से कमी होने से ग्रामीणों के लिए राहत है, लेकिन एक बार फिर पुन: कटान का खतरा बढ़ गया है। देवारा खास राजा के झगरहवा का पूरा में कटान शुरू हो गई है। जबकि तटवर्ती क्षेत्र के अन्य गांव भी कटान की जद में हैं। देवारा खास राजा से हाजीपुर संपर्क मार्ग, मानिकपुर से अभ्भनपट्टी संपर्क मार्ग, खरैलिया से सोनौरा संपर्क मार्ग पर अभी भी बाढ़़ के पानी से डूबा हुआ है। संपर्क मार्गों पर पानी का बहाव तेज होने से बाइक, साइकिल और पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिये खतरा बना हुआ है। इन सम्पर्क मार्गों पर आवागमन बंद करने कि आवश्यकता है। रास्ते पर पानी के साथ जल कुंभी, घास आने से रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है।
प्रशासनिक कदम
वहीं प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था न कराये जाने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग बाढ़ के पानी के बीच जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी के लिए लोग पानी से होकर आवागमन कर रहे हैं। स्कूली बच्चों को स्कूल जाने के लिए परेशानी हो रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बच्चे बंधा पार कर कॉन्वेंट विद्यालयों में पढ़ाई करने के लिए आते-जाते हैं। बच्चों को साथ लेकर पानी से भरे संपर्क मार्ग को अभिभावक पार कर रहे हैं। छुट्टी के समय अभिभावक अपने बच्चों के विद्यालय से लौटने का इंतजार करते हैं। एसडीएम सगड़ी संजीव कुमार राय ने बाढ़ से घिरे परिषदीय विद्यालयों को बंद करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है। एसडीएम के निर्देश बाढ़ से घिरे परिषदीय विद्यालयों को बीएसए ने बंद करा दिया।
बाढ़ से प्रभावित गांव
देवारा क्षेत्र के बरामदपुर, सहबदिया, चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा के 28 मजरे सहित शाहडिह, भदौरा, बांका ,बूढ़नपट्टी, सोनौरा सहित लगभग एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ से निपटने के लिए 10 बार चौकियां बनाई गई हैं। इन बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, राजस्व विभाग के साथ पुलिस की तैनाती की गई है। किसानों का खेतों में ज्वार, बाजरा जैसे हरे चारे की फसल डूब जाने से पशुओं के सामने हरे चारे की समस्या उत्पन्न हो रही है। पशु सड़ा गला चारा खाने के लिए मजबूर हैं। पशुओं के लिए किसान चारे की व्यवस्था मुश्किल से कर पा रहा हैं। किसान पशुओं के लिए दूर से चारे लाकर व्यवस्था कर रहे हैं।
संपर्क मार्गों की स्थिति
बेलहिया से अजगरा मगरबी संपर्क मार्ग कट कर बहा
बेलहिया से अजगर मगरबी संपर्क मार्ग रविवार को बाढ़ के पानी के तेज बहाव से कट कर बह गया। संपर्क मार्ग के कट जाने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बेलहिया, अजगरा मगरबी, अचल नगर, देवारा गरीब दुबे, उरदिहा, दैवारा खास राजा सहित एक दर्जन गांवों के लोग इस संपर्क मार्ग से आवागमन करते थे। 10 हजार लोग इस संपर्क मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करते थे। इस संपर्क मार्ग पर एक पुल बनवाया गया था, जो वर्ष 2020 में बाढ़ के पानी में बह गया। पुल के बगल में पाइप डालकर एक नया संपर्क मार्ग बनाया गया था। इस संपर्क मार्ग पर नाव की आवश्यकता है।
जल स्तर की जानकारी इस प्रकार रहा जल स्तर
बदरहुआ गेज पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 6 सेमी ऊपर नदी बह रही है। 24 घंटे में इस गेज पर जल स्तर में 20 सेमी घटाव दर्ज किया गया। शनिवार को शाम 4 बजे नदी का जल स्तर 71.94 मीटर पर रहा। रविवार की शाम 4 बजे जल स्तर 71.74 मीटर पर है। इस गेज पर अधिकत जलस्तर 73.52 और न्यूनतम जलस्तर 70. 25 मीटर है।
इसी क्रम में डिघिया गेज पर खतरा बिंदु 70.40 मीटर से 66 सेमी ऊपर नदी का पानी बह रहा है। इस गेज पर चौबीस घंटे में 19 सेमी जल स्तर में घटाव दर्ज किया गया। शनिवार की शाम को डिघिया गेज पर जलस्तर 71.25 मीटर रहा। जबकि रविवार की शाम चार बजे जल स्तर 71.06 मीटर दर्ज किया गया। इस गेज का अधिकत जलस्तर 72.59 मीटर और न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर रहा।
