समावेशी शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा प्रशिक्षण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शुरुआती पहचान और उनकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं प्री-प्राइमरी नोडल शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशालय की ओर से यह प्रशिक्षण 1 से 30 सितंबर तक ब्लॉक स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
विशेष जरूरत वाले बच्चों की पहचान पर रहेगा जोर
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर पहचान, शुरुआती हस्तक्षेप और समावेशी शिक्षा के लिए बेहतर आधार तैयार करना है। विभाग का मानना है कि बच्चों की जरूरतों की शुरुआती पहचान होने पर उन्हें आगे की शिक्षा के लिए आवश्यक सहयोग समय रहते उपलब्ध कराया जा सकता है।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ताओं के साथ प्री-प्राइमरी नोडल शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
30 अगस्त तक तैयार होंगे मास्टर ट्रेनर्स
प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 30 अगस्त तक जिला स्तर पर एआरपी को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर्स आगे ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।
प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित और व्यावहारिक तरीकों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से जुड़े विषयों को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया जा सके।
प्रशिक्षण के लिए करीब 2.98 करोड़ रुपये की लिमिट
राज्य परियोजना निदेशालय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए लगभग 2.98 करोड़ रुपये की लिमिट जारी की है। इसमें मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के लिए 17.70 लाख रुपये और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के लिए 2.80 करोड़ रुपये शामिल हैं।
विभाग के अनुसार, प्रशिक्षण से जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों की क्षमता बढ़ेगी और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शुरुआती स्तर पर उचित सहयोग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
ब्लॉक स्तर पर होगा प्रशिक्षण
1 से 30 सितंबर तक ब्लॉक स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और प्री-प्राइमरी नोडल शिक्षकों का प्रशिक्षण कराया जाएगा। इससे दोनों स्तरों के कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।
प्रशिक्षण के दौरान को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, शुरुआती सहयोग और समावेशी शिक्षण वातावरण तैयार करने की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा।
समय सीमा में प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, शत-प्रतिशत प्रतिभागिता और निर्धारित समयसीमा में कार्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशिक्षण की प्रगति और आंकड़े राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
उन्होंने समावेशी शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए बेसिक शिक्षा और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की जल्द पहचान करना, शुरुआती हस्तक्षेप उपलब्ध कराना और उन्हें आगे की शिक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।


