बिहार में दो शिक्षक पर FIR, फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी पाने के मामले में तलाश रही निगरानी
बगहा: बगहा में फर्जी प्रमाणपत्रों पर नौकरी पाने वाले दो पंचायत शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज की गई है. निगरानी ब्यूरो की जांच के बाद पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है. फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर पंचायत शिक्षक की नौकरी पाने वालों में बगहा नगर थाना में एक शिक्षक और एक शिक्षिका शामिल हैं. दोनों आरोपी अपने-अपने घर से फरार बताए जा रहे हैं.
इन दोनों शिक्षकों पर आरोप: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पूरण कुमार शर्मा ने बताया कि, बगहा-1 प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नवका टोला बड़गांव में कार्यरत पंचायत शिक्षक राजेश प्रसाद यादव और राजकीय मध्य विद्यालय बड़गांव की पंचायत शिक्षिका शांति मिश्रा पर फर्जी मध्यमा संस्कृत अंकपत्र और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति पाने का आरोप है. पुलिस उनकी तलाश के साथ मामले की जांच कर रही है.
बोर्ड सत्यापन में खुलासा: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने दोनों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना से कराया था. बोर्ड की ओर से जारी सत्यापन रिपोर्ट में संबंधित अंकपत्रों को फर्जी बताया गया. इसके बाद दोनों के खिलाफ नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई. पूरी प्रक्रिया की गहनता से जांच जारी है.
नियोजन में धोखाधड़ी: जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2005 और 2006 में शिक्षक नियोजन के दौरान कथित रूप से कूटरचित प्रमाणपत्रों को असली बताकर सरकारी नौकरी हासिल की गई थी. निगरानी ब्यूरो ने इस मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच करने की बात कही है.

