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Wednesday, August 12, 2026

बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर

बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी. मंगलवार (11 अगस्त) को जारी किए गए अपने बयान में शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों का तबादला पोर्टल के माध्यम से और शिक्षक स्थानांतरण नियमावली के आधार पर ही किया जाएगा.



उन्होंने साफ कहा कि किसी की पैरवी नहीं सुनी जाएगी और किसी को भी भेदभाव का आरोप लगाने का मौका नहीं दिया जाएगा. शिक्षा विभाग स्थानांतरण प्रक्रिया को निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.

'यूपी के शिक्षक हमारे लिए पूजनीय'

मिथिलेश तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी जो शिक्षक बिहार के स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा. यूपी के शिक्षक हमारे लिए पूजनीय हैं. वे हमारे बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं. स्थानांतरण प्रक्रिया में हम उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होने देंगे.

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी की सिफारिश या पैरवी के आधार पर निर्णय नहीं लिया जाएगा. सभी शिक्षकों का स्थानांतरण निर्धारित नियमों और तय प्रक्रिया के अनुसार ही होगा.

बता दें कि 17 सितंबर से आवेदन प्रक्रिया फिर से प्रारंभ होगी. इस चरण में वे शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे, जो 5 अगस्त तक आवेदन नहीं कर पाए थे. शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों द्वारा आवेदन के दौरान जिन विद्यालयों का विकल्प दिया गया है, उनका स्थानांतरण उन्हीं विकल्पों में से किसी एक विद्यालय में किया जाएगा. विकल्प के अतिरिक्त किसी अन्य विद्यालय में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा. पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न होगी.

मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, ऑनलाइन और शिक्षक हित में संचालित की जा रही है. शिक्षा विभाग का लक्ष्य 31 अक्टूबर तक स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़े सभी मामलों का निष्पादन कर देना है, ताकि इसके बाद शिक्षक पूरी ऊर्जा के साथ विद्यार्थियों के पठन-पाठन पर ध्यान केंद्रित कर सकें. इसी वजह से महिला शिक्षकों को गृह प्रखंड तथा पुरुष शिक्षकों को गृह जिले के भीतर भेजा जा रहा है.

सक्रिय पत्रकारिता में अजीत कुमार लगभग 10 वर्षों से कार्यरत हैं. वर्ष 2016 में दैनिक जागरण समाचार-पत्र से इन्होंने ट्रेनी सब-एडिटर के रूप में अपनी पारी की शुरुआत पटना से की. देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों में इन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें दैनिक जागरण, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर आदि शामिल हैं.


वर्तमान में इनका कार्यक्षेत्र बिहार है और ये एबीपी लाइव में 'चीफ कॉपी एडिटर' के पद पर कार्यरत हैं. एबीपी डिजिटल के बिहार सेक्शन को लीड करते हैं. बिहार की खबरों पर इनकी पैनी नजर रहती है चाहे वह राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी हुई खबरें हों या फिर अपराध या अन्य सामाजिक सरोकार की. खबरों को एंगल देने में और हेडिंग बनाने में महारथ हासिल है.


सही समय पर निष्पक्ष रूप से कई समाचार इनके प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज भी शामिल हैं. पत्रकारिता में इन्होंने स्नातक के साथ परास्नातक तक की पढ़ाई की है.

बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

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