विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान करेंगे शिक्षक
प्रतापगढ़। जिले के 180 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को बेहतर बनाया जा सके। आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ताओं और प्राथमिक विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, शुरुआती हस्तक्षेप, समावेशी आंगनबाड़ी केंद्र और दिव्यांगता समावेशन की जानकारी दी जाएगी। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों में अनुकूल शैक्षिक वातावरण तैयार होगा। प्रशिक्षण में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय व यूनिसेफ के सहयोग से तैयार सामग्री का उपयोग किया जाएगा। प्रशिक्षण की व्यवस्था जिले स्तर से शुरू होगी।
एसआरपी को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर्स ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों का भी प्रयोग किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
"को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण की शुरुआत की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।"
— ज्योति शाक्य, डीपीओ
शिक्षकों के शिक्षण योजना में मदद करती है संदर्शिका
रखहा। बाबा बेलखरनाथ धाम बीआरसी में सोमवार को शिक्षकों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि गणित संदर्शिका शिक्षकों को दैनिक, साप्ताहिक शिक्षण योजना को क्रमबद्ध तरीके से संचालित करने में मदद करती है। इसके सही क्रियान्वयन से प्राथमिक स्तर के बच्चों में गणितीय अवधारणाओं की समझ मजबूत होती है। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी बृजेंद्र स्वरूप निगम, संतोष श्रीवास्तव, मो. शाहिद, छोटेलाल, डॉ. सुनीता शर्मा, आयशा सुल्तान और राखी मिश्रा मौजूद रहीं।
