बिहार के अनुदानित शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, सैलरी पर सम्राट सरकार जल्द ले सकती है अहम फैसला
पटना। राज्य में अनुदान पाने वाले संबद्धता प्राप्त विद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन संरचना का निर्धारण की उम्मीद जगी है। पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) द्वारा ऐसे शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन देने की घोषणा की गई थी।
इसके आलोक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतनमान को लेकर व्यापक चर्चा की है और जल्द ही कमेटी की बैठक होने वाली है।
कमेटी ने बैठक में शिक्षकों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनसे भी सुझाव लेने का निर्णय लिया है। कमेटी वेतन संरचना को लेकर अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेंगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय कमेटी 30 सितंबर, 2025 को गठित हुई थी।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कमेटी की अनुशंसा के बाद सरकार यह आकलन करेगी कि शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतनमान पर कितनी राशि की जरूरत है? इस राशि का प्रबंध किस स्त्रोत से किया जाए? इस पर वित्त विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों से भी राय ली जाएगी।
महत्वपूर्ण बात यह कि कमेटी को प्राप्त शिक्षकों और कर्मचारियों के सुझाव को भी अनुशंसा रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। कमेटी ने यह बात भी कही है कि अनुदानित स्कूल-कॉलेजों के शिक्षकों तथा कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक वेतन संरचना तय होगा।
बता दें कि राज्य में वित्तरहित शिक्षा नीति 19 अक्तूबर 1982 को लागू हुई थी। उसके पहले डिग्री कॉलेजों को राज्य सरकार द्वारा घाटानुदान देने की व्यवस्था थी।
उस व्यवस्था में राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली घाटानुदान की राशि में कॉलेजों के आंतरिक स्त्रोत से आने वाली राशि को मिला कर शिक्षकों तथा कर्मचारियों को वेतनादि का भुगतान किया जाता था।

