बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल में दूसरे के अभिलेखों पर फर्जी तरीके से सहायक अध्यापक बने 11 साल तक नौकरी करने का एक और मामला सामने आया है| बीएसए जगदीश शुक्ल ने फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद जिले के बनकटी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय जगुई में कार्यरत आरोपी प्रधानअध्यापिका का स्नेहलता सिंह को बर्खास्त कर दिया है|साथ ही वेतन रिकवरी और मुकदमा दर्ज कराने का खंड शिक्षा अधिकारी बनकटी को आदेश दिया है|
बीएसए कार्यालय के अनुसार जिले के बनकटी ब्लाक में प्राथमिक विद्यालय जगुई मे कार्यरत प्रधानाध्यापिका स्नेहलता सिंह का सहायक अध्यापक पद पर चयन 2010 में हुआ था| 2020 में इस बात की शिकायत विभाग को मिली कि स्नेहलता सिंह ने किसी दूसरे के अभिलेखों का प्रयोग कर नौकरी हासिल की है| विभागीय जांच शुरू हुई तो सामने आया कि असली स्नेह लता सिंह जनपद गोरखपुर के अयोध्या दास राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं|

