₹320 करोड़ से माध्यमिक स्कूलों की सूरत संवारने की नीति तैयार
लखनऊ: प्रदेश के एडेड और राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की सूरत जल्द बदलेगी। स्कूलों की मरम्मत और विस्तार के लिए सरकार 320 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके लिए नीति तैयार कर ली गई। है और जल्द ही मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखी जाएगा। इस नीति के अनुसार पहले चरण में मूलभूत सुविधाएं जैसे शौचालय, बाउंड्री वॉल आदि पर काम होगा।
राजकीय विद्यालयों में वेतन और प्रबंधन सरकार का ही होता है। ऐसे में इनमें तो वेतन के अलावा मरम्मत और निर्माण के लिए समय-समय पर सरकार खर्च करती है। वहीं ऐडेड कॉलेजों में सरकार वेतन के लिए अनुदान देती है। मरम्मत और प्रबंधतंत्र निजी होता है। ऐसे में न तो सरकार कोई आर्थिक मदद देती है और प्रबंधतंत्र भी खर्च नहीं करते इससे एडेड कॉलेजों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। दशकों बाद यूपी सरकार एडेड और माध्यमिक विद्यालयों पर खर्च करने जा रही है। एडेड विद्यालयों की मरम्मत और निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट रखा है। राजकीय विद्यालयों में मरम्मत के लिए 20 करोड़ और विस्तार के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मिलेगी राहत : हाल ही में लखनऊ में नरही स्थित राजकीय विद्यालय की छत गिरने का मामला आया तो यह बात फिर उठी कि विद्यालयों की मरम्मत के लिए बजट नहीं है। ऐसे में नीति जारी हो जाने के बाद काफी राहत मिलेगी। इस बारे में माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय मंत्री डॉ. आरपी मिश्र और राजकीय शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्ष छाया शुक्ला का कहना है कि हम तो लम्बे समय से मांग कर रहे थे। स्कूलों की स्थिति काफी जर्जर है। जितनी जल्दी नीति जारी होगी और धनराशि स्कूलों को मिलेगी, उतना अच्छा है।

