गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में दिव्यांग छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए विशेष शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। यह इसलिए किया जा रहा है ताकि दिव्यांग छात्र छात्राओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, लेकिन अब तक 16 ब्लॉकों के सात सौ विद्यालयों में ही कार्य पूरा हो सका है। हैरानी की बात यह है कि महीनों बीत जाने के बाद भी 843 ऐसे विद्यालय हैं, जहां कार्य नहीं शुरू हो सका है। ऐसे में निकट भविष्य में इन्हें पूरा करना मुमकिन नहीं दिखाई दे रहा है।
प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के साथ ही परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए सरकार तमाम जतन कर रही है। कायाकल्प योजना के तहत जहां परिषदीय विद्यालयों में सुविधाओं का । विस्तार किया जा रहा है, वहाँ अब स मिशन के तहत इन विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों के हितों का विशेष ध्यान दिया गया है। दिव्यांग बच्चों को शौच के लिए मुश्किल न हो, इसके लिए विद्यालय में विशेष शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
जिले के 16 विकास खंडों में कुल 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक 352 उच्च प्राथमिक और 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। बताया गया है कि प्रत्येक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 56 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें रैंप, रेलिंग के साथ ही कमोड स्थापित किया जाएगा। इनका निर्माण बीते मार्च माह में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन कोरोना के कहर के चलते पूरा नहीं किया जा सका।
अब तक 700 विद्यालयों में इसका निर्माण पूरा हो सका है, जबकि 726 में कार्य शुरू है। बाराचवर में 31, भदौरा 36, भांवरकोल 28, बिरनो 91, देवकली 71, करंडा 11, कासिमाबाद 44, मनिहारी 49 और मरदह में 28 शौचालयों का निर्माण पूरा हो गया है। इसी तरह मुहम्मदाबाद 41,रेवतीपुर 24, सदर 39 सादात 28, सैदपुर 46, जखनिया 49 और जमानिया ब्लॉक के 84 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय पूरे हो गए हैं। शेष 843 विद्यालयों में अभी इसके निर्माण का कार्य शुरू ही नहीं हो सका हुआ है। इसमें नगर के सभी 31 विद्यालय शामिल हैं। नवंबर तक इसे पूरा कर लेने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया है, लेकिन इसको निर्धारित अवधि में पूरा कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। उधर दिव्यांगजनों का कहना है कि इस समस्या की ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।
