राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने में प्रधानाध्यापकों की जवाबदेही तय होगी, क्योंकि स्कूली शिक्षा के सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग प्रधानाध्यापक हैं और शिक्षा में सुधार लाने के लिए कार्य करने होंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग के सचिव बैद्यनाथ यादव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिया।
बैठक में मिशन दक्ष से लेकर मासिक मूल्यांकन, बच्चों को होम वर्क देना समेत अन्य सुधारात्मक कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। सचिव ने प्रधानाध्याक नियमित रूप से शिक्षण कार्यों की निगरानी करेंगे। यह देखें कि बच्चों को समय पर उनके पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षक पढ़ा रहे हैं या नहीं। जो शिक्षक कक्षाओं में सही तरीके से बच्चों को नहीं पढ़ा रहे हैं, उन्हें चिह्नित करें। जरूरत पड़ने पर ऐसे शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। @pky

