शिक्षा विभाग की ओर से स्कूली बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को स्कूल से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की शिकायत करने के लिए पोर्टल निर्माण किया है। पोर्टल पर शिकायत करने की सुविधा मिलने के बाद पिछले एक सप्ताह में विभिन्न तरह की शिकायतें आ रही हैं। इसके अलावा विभाग की ओर से बनाए गए नियंत्रण कक्ष के नंबर और वाट्सएप पर भी शिकायतें मिल रही हैं। सबसे अधिक स्कूल में बच्चों को दिए जा रहे मध्याह्न भोजन में प्रधानाध्यापक द्वारा अनियमितता बरतने, स्कूलों में शिक्षकों के समय पर नहीं आने, पेय जल की समस्या, रूटीन के अनुसार मध्याह्न भोजन नहीं मिलने, और खाने की क्वालिटी खराब होने आदि की शिकायतें आ रही हैं। किसी ने विभाग के वाट्सएप पर शिकायत किया कि स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम रहती है और प्रधानाध्यापक चावल, दाल सब्जी मसाला का खर्च दिखाते हैं। यानी स्कूल में बच्चों से अधिक मध्याह्न भोजन की थाली परोसी जा रही है।
24 घंटे के अंदर कमेटी जवाब दे शिक्षा विभाग की ओर से ऑनलाइन सुविधा प्रदान की गयी है। पोर्टल से जिले के स्कूल से मध्याह्न भोजन से मिली शिकायत को देख अधिकारियों के होश उड़ रहे हैं। इस तरह की शिकायत मिलने के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कमेटी गठित की गयी है। कमेटी को 24 घंटे अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा इस तरह की शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने सभी प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को अपने-अपने क्षेत्र में इस तरह के मामले पर नजर बनाये रखने और समस्याओं का निबटारा फौरन करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि इस तरह की शिकायत मिलने पर अविलंब संबंधित अधिकारी व प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की जाएगी।
1 सप्ताह में 152 शिकायतें मिलीं
पिछले एक सप्ताह में शिक्षा विभाग के वाट्सएप और नियंत्रण कक्ष में कुल 152 शिकायतें प्राप्त हुई है। इनमें से 86 मामले का निपटारा किया गया है। 61 मामले की जांच जारी है। मिली शिकायत के अनुसार बीईओ द्वारा मातृत्व अवकाश का पैसा काटा जाना। बच्चों को किताबें नहीं मिलना, स्कूल में बेंच की दिक्कत, स्कूल में बिजली नहीं, स्कूल के छत से वर्षा में पानी टपकता है, प्रधानाध्यापक स्कूल में मनमानी करते है, प्रधानाध्यापक टीसी के लिए पैसे की मांग करते हैं आदि शिकायत करने में वालों में शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक शामिल हैं। बता दें कि बख्तियारपुर 9, बिहटा 17, दानापुर 11, धनरुआ 19, फतुहा - 9, पालीगंज- 11 और पटना सदर अरबन 10 प्रखंडों से सबसे अधिक शिकायतें मिली हैं।

