फर्जीवाड़ा करने वाले 92 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर, अब तक 28 गिरफ्तार, वेतन की रिकवरी भी होगी
बलरामपुर जिले के परिषदीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक पद पर नियुक्ति पाने में अब तक 92 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। इनमें 28 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि शेष 64 की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगी है। हाईकोर्ट से फर्जीवाड़ा करके नौकरी हासिल करने वालों की एक बार फिर पड़ताल शुरू ।
तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. रामचंद्र ने 31 मार्च 2021 को एफआईआर के आदेश दिए थे। जिसमें कुछ फर्जीवाड़ा करके नौकरी हासिल करने वालों के 75 खिलाफ नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वहीं 17 के खिलाफ पचपेड़वा में भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि अभ्यर्थियों ने कूटरचित शैक्षिक व अन्य दस्तावेजों के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल कर ली। अभिलेखों के सत्यापन के दौरान ही फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया था। इससे वेतन नहीं जारी हुआ था। फिर भी विभाग आकलन कराने में लगा है कि किसी का वेतन जारी हुआ हो तो उससे वूसली की कार्रवाई की जाए। अब विभाग भर्तियों में सतर्कता बरत रहा है।

