फर्जी नियुक्ति के मामले में तीन शिक्षकों समेत पांच पर केस
देवरिया। निज संवाददाता संस्कृत महाविद्यालय में कूटरचना कर नियुक्ति प्राप्त करने वाले तीन शिक्षकों व प्रबंधन समेत पांच लोगों के विरुद्ध सलेमपुर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सह जिला विद्यालय निरीक्षक की तहरीर पर की है। शिक्षकों ने तत्कालीन एवं वर्तमान प्रबंधक की मिली भगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर नियुक्ति पाई थी। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया है। सलेमपुर क्षेत्र के किशोरगंज स्थित श्री सरवार संस्कृत महाविद्यालय में तीन शिक्षकों की वर्ष 2006 एवं 2007 में नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति के बाद से शिक्षकों के वेतन का भुगतान नही हुआ था। वेतन के भुगतान को लेकर शिक्षक सत्येंद्र तिवारी ने वर्ष 2015 मे हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी।
कोर्ट ने सुनवाई करते हुए वेतन भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित कराते हुए शासन एवं कोर्ट को अवगत कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक शिवनारायण सिंह, प्रभारी सह जिला विद्यालय निरीक्षक आर्यन भारती एवं पटल सहायक सुभाष गुप्ता ने महाविद्यालय पर पहुंचकर मामले की जांच की। तत्कालीन एवं वर्तमान प्रबंधक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। वर्तमान एवं तत्कालीन प्रबंधक ने स्पष्टीकरण देकर बताया कि नियुक्ति में किया गया हस्ताक्षर उनका नही है। शिक्षकों द्वारा कूट रचित तरीके से दस्तावेज तैयार कर हस्ताक्षर किया गया है। जांच के दौरान शिक्षक मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके। उनके द्वारा कूटरचित तरीके से तैयार किया हुआ अभिलेख उपलब्ध कराया गया था। मामले में फर्जीवाड़ा सामने आने पर सह जिला विद्यालय निरीक्षक निलेश कुमार पांडेय ने तत्कालीन प्रबंधक सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित गायत्रीपुरम निवासी सेतवान तिवारी, वर्तमान प्रबंधक मनोज कुमार श्रीवास्तव एवं शिक्षक सत्येन्द्र तिवारी निवासी वार्ड न 12 टीचर कालोनी सलेमपुर, योगेश्वर नाथ तिवारी निवासी हरैया पंडित सलेमपुर एवं दीनावती त्रिपाठी निवासिनी कसिली, थाना बरहज के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।

