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Thursday, April 2, 2026

स्कूल के मध्यान भोजन से बच्चे बीमार, 25 अस्पताल में भर्ती, प्रधानाध्यापक और शिक्षक लापता

स्कूल के मध्यान भोजन से बच्चे बीमार, 25 अस्पताल में भर्ती, प्रधानाध्यापक और शिक्षक लापता


जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय गंगौता मैदान, शाहजंगी में बुधवार को मध्यान भोजन के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। अभिभावकों ने बताया कि बुधवार को पहली बार एनजीओ की मदद से स्कूल में चावल और चना-आलू की सब्जी पहुंचाई गई थी। भोजन करते ही कई बच्चे उल्टी और पेट दर्द की शिकायत करने लगे।

बच्चों और अभिभावकों के आरोप

बच्चों ने बताया कि खाना बाहर से आया था और खराब लग रहा था। आयशा नामक छात्रा ने कहा कि रोज स्कूल में ताजा भोजन बनता था, लेकिन इस बार बाहर से आए भोजन के कारण पेट दर्द हुआ। कई अन्य बच्चों ने भी बताया कि खाना खट्टा लग रहा था, लेकिन प्रधानाध्यापक ने खाने को जबरन खाने के लिए कहा।

अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाया कि घटना के बाद स्कूल के शिक्षक मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को अस्पताल लाया गया। इस घटना ने स्कूल प्रशासन की जवाबदेही और सतर्कता पर सवाल खड़ा कर दिया है।


भोजन सैंपल की होगी जांच

जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि डीपीएम ने मध्यान भोजन के सैंपल लेने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही नाथनगर में शुरू हुए सेंट्रलाइज्ड किचन के भोजन की भी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उपस्थिति पंजी, चखना रजिस्टर और बच्चों के साथ स्कूल में शिक्षक की उपस्थिति की जांच भी की जाएगी। प्रधानाध्यापक की भूमिका की समीक्षा के साथ रिपोर्ट तैयार कर मध्याह्न भोजन निदेशालय को भी भेजी जाएगी।

जगदीशपुर व नाथनगर के 157 स्कूलों में सेंट्रलाइज्ड किचन

जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि बुधवार से नाथनगर और जगदीशपुर के 157 स्कूलों में सेंट्रलाइज्ड किचन के माध्यम से भोजन देने का काम शुरू हुआ था। इसमें नाथनगर के 76 और जगदीशपुर के 81 स्कूल शामिल हैं। डीपीओ एमडीएम बबीता कुमारी ने बताया कि सुबह 9:30 बजे से वह किचन में मौजूद थीं और खाना बनाने के बाद टेस्ट किया गया। इसके बावजूद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना हुई।


प्रधानाध्यापक और शिक्षकों पर कार्रवाई

डीपीओ एमडीएम बबीता कुमारी ने बताया कि स्कूल में बच्चों की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होती है। अस्पताल में घटना के दौरान प्रधानाध्यापक और शिक्षक मौजूद नहीं थे। उपस्थिति पंजी और स्कूल रिकॉर्ड की जांच के बाद प्रधानाध्यापक और शिक्षकों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। डीपीओ एमडीएम ने कहा कि एक दिन का वेतन काटा जाएगा और लापरवाही के लिए कार्रवाई होगी।


वहीं जिला प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा और स्कूल प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच प्रक्रिया लगातार जारी है।

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