रविवार को नहीं आए शिक्षक तो काटी हाजिरी, अब हेडमास्टर पर गिरेगी गाज
जिले के चनपटिया प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय झखरा के प्रधानाध्यापक श्यामलाल बैठा रविवार को स्कूल नहीं आने पर शिक्षकों की हाजिरी काट देते हैं। इस तरह शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। विद्यालय के शिक्षक सुजीत राम समेत अन्य की शिकायत पर जांच में जब बीईओ निरीक्षण के लिए पहुंचे तो अनियमितता की पोल खुल गई।
मामले में बीईओ ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण की मांग की है। चनपटिया के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी लोकेश कुमार झा ने बताया कि बीते 26 मार्च को विद्यालय का निरीक्षण किया गया था। जिसमें कई तरह की अनियमिताएं पाई गई।
विद्यालय के उपस्थिति पंजी में कक्षा 4, 7 और 8 में क्रमशः 16 17 और 19 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज की गई थी, जबकि तीनों कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति शून्य थी।
ऐसे में पीएम पोषण से प्राप्त राशि के गबन का मामला भी प्रतीत होता है। निरीक्षण में पाया गया कि छात्र-छात्राओं को दिया गया पीएम पोषण योजना के तहत मध्याह्न भोजन गुणवत्तापूर्ण नहीं था। जिस पर रसोईया ने बताया कि प्रधानाध्यापक द्वारा मानक के अनुरूप सामग्री नहीं दी जाती है।
ऐसे में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि यह कृत्य प्रधानाध्यापक के दायित्वों का सम्यक रूप से निर्वहन नहीं करना, छात्र हित में काम न करना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिय सार्थक प्रयास न करना, विभाग की छवि धुमिल करना है। बीईओ ने पूछा है कि क्यों नहीं, आपको प्रधानाध्यापक के पद से मुक्त करने हेतु उच्चाधिकारी को प्रतिवेदित कर दिया जाए
निरीक्षण में शिक्षकों को लिया बयान
बीईओ ने निरीक्षण के दौरान शिक्षकों का भी बयान लिया। शिक्षकों ने कहा कि रविवार साप्ताहिक अवकाश है। उस दिन भी विद्यालय नहीं आने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक उपस्थिति पंजी में अवकाश दर्ज कर देते हैं। जिसकी जांच हुई तो मामला सत्य पाया गया।
