इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड का हिसाब नहीं देने वाले सात स्कूलों को चेतावनी
जिले के सात प्रमुख माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वित्तीय वर्ष 2005-06 और 2006-07 में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास यथा पुस्तकालय, प्रयोगशाला और उपस्कर की खरीद के लिए सरकार द्वारा दी गई राशि का डीसी (उपयोगिता प्रमाण पत्र) विपत्र आज तक जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया है। यह मामला अब इतना गंभीर हो चुका है कि खुद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को हस्तक्षेप कर सख्त चेतावनी जारी करनी पड़ी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को 28 अगस्त को भेजे गये चेतावनी पत्र के अनुसार, जिन विद्यालयों से डीसी विपत्र मांगा गया है उनमें शामिल हैं-एसएस बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बिहारशरीफ, गांधी उच्च विद्यालय, सिलाव, टेकनारायण उच्च विद्यालय, बादी, उच्च विद्यालय, हरनौत, श्री सुखदेव एकेडमी उच्च विद्यालय एकंगरसराय, आरडी उच्च विद्यालय राजगीर और प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय अस्थावां, गिरियक व चण्डी। चौंकाने वाली बात यह है कि यह
कोई पहला पत्र नहीं है। जिला कार्यालय पहले भी इन विद्यालयों को कम से कम सात बार स्मरण करा चुका है।
इसके बावजूद संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की ओर से कोई ठोस जवाब या दस्तावेज कार्यालय को नहीं भेजा गया। मामले ने तब गंभीर मोड़ ले लिया, जब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना के सचिव ने समिति की बैठक में इस लंबित मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल डीसी विपत्र जमा कराने का स्पष्ट निर्देश दिया। इसी दबाव के बाद जिला शिक्षा कार्यालय ने अब अंतिम चेतावनी की भाषा में पत्र जारी करते हुए इसे अत्यावश्यक बताया है।

