सहायक शिक्षिका से विवाद के बाद हो गया था ट्रांसफर, बीएसए ने आरोप बेबुनियाद बताए
भरुआ सुमेरपुर इंचार्ज प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात शिक्षिका ने अफसरों के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका आरोप है कि सहायक शिक्षिकाओं की शिकायतों को आधार बनाकर अधिकारी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। बीएसए ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
पौथिया गांव की मूल निवासी सुभद्रा कुमारी स्वासाखुर्द के कंपोजिट विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक पद पर तैनात हैं। आरोप लगाया कि सहायक अध्यापकों की शिकायतों को आधार बनाकर अधिकारी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। यह भी आरोप है कि अधिकारी सहायक शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय उनको संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बगैर किसी गंभीर आरोप के उनका तबादला नियम विरुद्ध बीच सत्र में बोहड़ क्षेत्र बड़ागांव कर दिया है, जबकि यह घर की एकमात्र अकेली सदस्य हैं। बताया कि अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि प्रधानाध्यापिका सुभद्रा सचान और सहायक अध्यापिका वंदना विश्वकर्मा के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही थी।
मामला डीएम के पास भी पहुंचा था। इस पर डीएम ने इसकी जांच उन्हें सौंपी थी। एबीएसए व्यासदेव से जांच कराई गई। जांच आख्या डीएम के समक्ष पेश प्रभारी प्रधानाध्यापिका बड़ागांव व सहायक अध्यापिका को बिदोखर पुरई स्थानांतरित किया गया है। कहा कि इस विवाद के चलते आए दिन पुलिस भी स्कूल पहुंचती थी। इसको देखते ये कार्रवाई की गई है।

