एटा। कोरोना संक्रमण के कारण राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग बंद हो गई थी। अब संक्रमण नहीं है तो एक नवंबर से जिले में बच्चों की स्क्रीनिंग शुरू की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि कोविड के कारण जनपद में आरबीएस के जाने वाली स्क्रीनिंग की सेवाएं बंद थीं। जनपद अब काफी समय से कोविड- 19 मुक्त है। इसलिए एक नवंबर से विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर आरबीएसके टीमों द्वारा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। जिसके लिए माइक्रोप्लान तैयार कर लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 19 वर्ष तक के बच्चों व युवाओं के फोर-डी पर फोकस किया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार का विकार, बीमारी, कमी और दिव्यांगता शामिल हैं। जनपद के सभी 8 ब्लॉक में 2-2 टीमें कार्यरत हैं। प्रत्येक टीम में दो डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स व एक पैरामेडिकल स्टाफ शामिल है। आरबीएसके योजना के अंतर्गत 40 बीमारियों को चिह्नित किया गया है। संवाद
