लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों को एमडीएम परोसने के लिए अनाज (गेहूं और चावल) की उपलब्धता कराने में एजेंसी एसएफसी (राज्य आवश्यक वस्तु निगम) की लापरवाही सामने आई है, जिससे अनाज के लैप्स होने का खतरा बढ़ गया है।
एसएफसी ने अब तक 51 जाने से अनाज लैप्स हो गया था, प्रतिशत अनाज का उठान किया है, जिसके बाद से बेसिक शिक्षा जबकि शेष 49 प्रतिशत अनाज का विभाग अनाज की आपूर्ति के लिए उठान पांच दिन में करना है। शिक्षा एसएफसी पर दबाव बना रहा था। सत्र 2020-21 में कोरोना संक्रमण इसके बाद अक्तूबर में एसएफसी में के कारण अनाज का उठान किए ने छह परिवहन ठेकेदारों को जाने से अनाज लेप्स हो गया था जिसके बाद से बेसिक विभाग अनाज की पूर्ति के लिए एफएससी पर दबाव बना रहा था इसके बाद अक्टूबर में एमएससी ने 6 परिवहन ठेकेदारों को एफसीआई गोदाम से अनाज का उठान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। एफसीआई गोदाम से 16816.09400 क्विंटल गेहूं और 29232:07280 क्विंटल चावल का उठान किया जाना है, लेकिन इसके सापेक्ष 51 प्रतिशत अनाज का उठान हुआ है। शारदा रोड लाइन्स ने सबसे कम 8.65
प्रतिशत उठान किया है। ऐसे ही किसी ने 40 प्रतिशत उठान किया है। उधर, एसएफसी के जिला प्रबंधक गंगा प्रसाद ने बताया कि बारिश और बाढ़ के चलते उठान प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा उठान में कोई गड़बड़ी नहीं होने देंगे। पाँच दिन का समय है, जिसमें पूरा उठान करा लिया जाएगा।
