नेशनल एचीवमेंट सर्वे में 207 स्कूलों के बच्चे होंगे शामिल
मुजफ्फरनगर। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय का स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग जिले के 207 विद्यालय के बच्चों को एक साथ कसौटी पर परखेगा। बच्चों की 90 मिनट की परीक्षा में उनकी शिक्षा की स्थिति सामने आएगी। सरकार के सामने आएगा कि परिषदीय, सीबीएसई और माध्यमिक स्कूलों की शिक्षा का क्या स्तर है और बच्चों में कितनी समानता है।
नेशनल एचीवमेंट सर्वे के अंतर्गत भारत सरकार ने जिले के 207 विद्यालयों का चयन किया है। इनमें 53 परिषदीय विद्यालय है। बाकी सीबीएसई बोर्ड के और माध्यमिक विद्यालय है। सरकार 12 नवंबर को कक्षा तीन, पांच, आठ और दसवीं के बच्चों की परीक्षा कराएगी। एक कक्षा में एक स्कूल के अधिकतम 30 बच्चे ही इस परीक्षा में शामिल हो पाएंगे। परीक्षा का समय कक्षा तीन और पांच का सुबह साढ़े दस से 12 बजे तक का रहेगा। कक्षा आठ और दसवीं का साढ़े दस से साढ़े बारह बजे का होगा। बच्चों को चार उत्तर में से एक पर सही का निशान लगाना होगा।
इस परीक्षा के माध्यम से भारत सरकार के सामने आएगा कि परिषदीय स्कूलों के सापेक्ष सीबीएसई बोर्ड के बच्चों की क्या स्थिति है। माध्यमिक विद्यालयों और सीबीएसई के दसवी के बच्चों में क्या अंतर है। जिले में परीक्षा कराने की जिम्मेदारी डायट की प्राचार्या रेखा सुमन को दी गई है। जिले का नोडल अधिकारी एसडी की डायरेक्टर चंचल सक्सेना को बनाया गया है। परीक्षा में एक साथ कई हजार बच्चे भाग लेंगे। सभी 207 परीक्षा केंद्रों पर ऑब्जर्वर रहेंगे। एक टीचर को हर विद्यालय में फील्ड इन्वेस्टीगेटर बनाया गया है।
