मानदेय का भुगतान न होने से पांच हजार रसोइया मजदूर परेशान
अंबेडकरनगर एमडीएम योजना के तहत जिले के 2 हजार 49 विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को भोजन परोसने वाले 4 हजार 902 रसोइया मजदूर मौजूदा समय में आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कारण यह है कि इन्हें अनवरी फरवरी व मार्च के मानदेय का अब तक भुगतान नहीं हो सका है। मानदेय भुगतान के लिए रसोइया मजदूर लगातार संबंधित अधिकारियों के कायलियों का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। इस चीच रसोइया मजदूरों ने चेतावनी दी है कि कि यदि शीघ्र ही मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
नया शिक्षा सत्र प्रारंभ हो चुका है। इस बीच एमडीएम योजना के तहत विद्यालयों में आने वाले छात्र-छात्राओं को सुचारु रूप से भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। रसोइया मजदूर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर भोजन बनाकर छात्र-छात्राओं को परोस रहे हैं। इन सबके बाद भी रसोइया मजदूर मौजूदा समय में आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं कारण यह कि गत जनवरी से अब तक उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है।
मौजूदा समय में 2 हजार 49 परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम योजना का संचालन हो रहा है। इन विद्यालयों में पढ़ने
वाले छात्र-छात्राओं को सुचारू रूप से भोजन उपलब्ध हो सके, इसके लिए 4 हजार 902 रसोइया मजदूरों की तैनाती की गई है। रसोइया मजदूरों की मानदेय के रूप में प्रति माह 1500 रुपये मिलते हैं। इस बीच मानदेय भुगतान के लिए रसोइया मजदूर लगातार संबंधित अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। इसके आगे प्रक्रिया नहीं बढ़ रही है।
बजट आते ही होगा
भुगतान तीन माह से मानदेय भुगतान न होने की जानकारी शासन को दे दी गई है। शासन से बजट आने के बाद का मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। सत्यप्रकाश मोर्स, एमडीएम प्रभारी

