📍 राठ, हमीरपुर
गोहांड ब्लॉक में मिड-डे-मील के चावल और पाठ्यक्रम की पुस्तकें रद्दी के भाव बेचे जाने से जुड़े मामलों की जांच तेज हो गई है।
रावतपुरा गांव के पास सड़क पर मिड-डे-मील के चावल से भरी बोरियां मिलने के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि चावल कार से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार त्रिपाठी ने जांच कर रिपोर्ट बीएसए को भेज दी है। ग्राम प्रधान को लिखित शिकायत देने के लिए दो दिन का समय दिया गया है।
वहीं इटौरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या माया देवी पर बच्चों की पाठ्यक्रम पुस्तकें कबाड़ी को रद्दी के भाव बेचने का आरोप लगा था।
खंड शिक्षा अधिकारी के अनुसार प्रधानाचार्या को फटकार लगाकर बेची गई पुस्तकें वापस मंगाई गईं। जांच में रद्दी में पुरानी परीक्षा की कॉपियां होने की बात भी सामने आई है।
ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह ने इस मामले की शिकायत एसडीएम से की थी और प्रधानाचार्या को नोटिस भेजा गया।
अधिकारी के मुताबिक दोनों मामलों में अभिलेख और उपलब्ध साक्ष्य जांचे जा रहे हैं। लापरवाही या अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि बच्चों की सामग्री और मिड-डे-मील योजना में किसी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
