विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज: चुनाव आयोग ने 5 राज्यों में अधिकारियों के तबादले को लेकर जारी किए निर्देश, उत्तर प्रदेश भी शामिल
Election Commission Transfer Order 2026: देश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर 2026 को पांच राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र जारी कर चुनाव से जुड़े अधिकारियों की तैनाती एवं स्थानांतरण को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
निर्वाचन आयोग का यह निर्देश गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के लिए जारी किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों की तैनाती में निर्धारित स्थानांतरण नीति का पालन किया जाए, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जा सकें।
27 अक्टूबर को जारी किया गया चुनाव आयोग का पत्र
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी पत्र का क्रमांक 437/6/1/INST/ECI/FUNCT/MCC/2026 है। यह पत्र 27 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है।
पत्र का विषय वर्ष 2027 में गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की विधानसभाओं के सामान्य निर्वाचन के मद्देनजर चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती से संबंधित है।
पांच राज्यों में 2027 में समाप्त होगा विधानसभा का कार्यकाल
चुनाव आयोग के पत्र में संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के कार्यकाल समाप्त होने की संभावित तिथियां भी दी गई हैं।
क्रम राज्य कार्यकाल समाप्ति की तारीख
1 गोवा 14 मार्च 2027
2 मणिपुर 13 मार्च 2027
3 पंजाब 16 मार्च 2027
4 उत्तर प्रदेश 22 मई 2027
5 उत्तराखंड 28 मार्च 2027
गृह जिले में तैनात चुनाव अधिकारियों को लेकर सख्त निर्देश
निर्वाचन आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि चुनाव कार्य से सीधे जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा ऐसे अधिकारियों की तैनाती को लेकर भी नीति अपनाई गई है, जिन्होंने किसी एक जिले में लंबे समय तक कार्य किया है।
आयोग के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों को वर्तमान जिले में कार्य जारी रखने की अनुमति नहीं होगी, यदि उनकी तैनाती उनके गृह जिले में है।
निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए उठाया गया कदम
चुनाव आयोग का मानना है कि चुनाव से संबंधित अधिकारियों की तैनाती में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। अधिकारियों की लंबे समय तक एक ही जिले में तैनाती से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए स्थानांतरण नीति का पालन कराया जा रहा है।
इस निर्देश के माध्यम से संबंधित पांच राज्यों के प्रशासन को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारियों की तैनाती की समीक्षा करने के लिए कहा गया है।

