आरोप: चिकित्साधिकारी भर्ती के प्रश्न पहले से थे कोचिंग संस्थानों के पास
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी के 272 पदों पर भर्ती के लिए 24 अक्तूबर को प्रयागराज के 22 केंद्रों पर हुई स्क्रीनिंग परीक्षा के प्रश्नपत्र पर अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े किए हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि स्क्रीनिंग परीक्षा में पूछे गए 95 प्रतिशत प्रश्न पहले से ही ऑनलाइन और ऑफलाइन तैयारी करवाने वाली कुछ कोचिंगों के पास उपलब्ध थे और इन्हीं प्रश्नों के जरिए मॉक टेस्ट करवाया जा रहा था।
अभ्यर्थियों का दावा है कि एक निजी कोचिंग संस्थान के टेस्ट से सामान्य ज्ञान/सामान्य अध्ययन खंड एवं विषय खंड के कुल 47 सवाल हुबहू मैच कर रहे हैं। यहां तक कि प्रश्नों के विकल्प और उनका क्रम भी पूरी तरह से समान है। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में किसी एक ही कोचिंग के अध्ययन सामग्री से इतने बड़े पैमाने पर विकल्पों के क्रम सहित प्रश्नों का मिलना महज़ एक इत्तेफाक नहीं हो सकता। यह घटना सीधे तौर पर परीक्षा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। डॉ. अमित कुमार, डॉ. योगानंद, डॉ. विकास पांडेय, डॉ. राजकमल, डॉ. अनुराग, प्रवीन कुमार सिंह, सत्यम आदि ने गुरुवार को आयोग को ज्ञापन देकर एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच समिति के माध्यम से जांच करवाने की मांग की है। उक्त कोचिंग संस्थान और प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया से जुड़े संबंधित अधिकारियों/व्यक्तियों की भूमिका की जांच और जांच पूरी होने तक परीक्षा प्रक्रिया के अगले चरणों पर रोक लगाने की भी मांग की है।

