कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं का नामांकन 72 हजार से बढ़कर 88 हजार पहुंचा, जानें क्या मिली सुविधाएं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में इन विद्यालयों में छात्राओं के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कक्षा 12 तक अपग्रेड किए जा रहे इन विद्यालयों में छात्राओं की संख्या 72,680 से बढ़कर 88,248 हो गई है।
प्रदेश सरकार की ओर से बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवासीय सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। इसका असर इन विद्यालयों में बढ़ते नामांकन के रूप में दिखाई दे रहा है।
750 से अधिक कस्तूरबा विद्यालयों में बढ़ाई जा रहीं सुविधाएं
प्रदेश के 750 से अधिक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। इन विद्यालयों को आधुनिक और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
विद्यालयों में छात्राओं के लिए स्वच्छ भवन, सुरक्षित आवासीय परिसर, स्मार्ट क्लासरूम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही छात्राओं को पौष्टिक भोजन भी दिया जा रहा है।
डीबीटी से छात्राओं को मिल रहा लाभ
छात्राओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का उपयोग किया जा रहा है। इससे सरकारी सहायता का लाभ सीधे पात्र छात्राओं तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।
विज्ञान और तकनीकी शिक्षा पर भी जोर
कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों से भी जोड़ा जा रहा है। एस्ट्रोनॉमिकल लैब के माध्यम से खगोल विज्ञान में रुचि और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसके अलावा बढ़ती खेल सुविधाओं के माध्यम से छात्राओं को शिक्षा के साथ खेल, विकास, चिकित्सा, रक्षा सेवा और तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय संस्थानों के रूप में विकसित करना है, ताकि ग्रामीण और वंचित वर्ग की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।
