तो अब प्रमोशन के फेर में फसेंगे तबादले, जानिए इस पर सचिव-बेसिक शिक्षा परिषद का बयान
तो अब प्रमोशन के फेर में फंसेंगे शिक्षकों के तबादले*:
*तबादले चार महीने से अटके*
प्रमोशन की आखिरी तारीख सात नवंबर तय कर दी ,
तबादलों के लिए शर्त यह कि जिस जिले में आवेदन किया है, वहां प्रमोशन हो चुका हो तभी पदोन्नति के पद पर तबादला हो सकेगा,
*उधर बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन सात नवंबर तक पूरे करने के आदेश सभी बीएसए को दिए गए हैं।*
NBT लखनऊ: अंतरजनपदीय (जिले के बाहर) तबादलों की प्रक्रिया चार महीने से अटकी है। अब शिक्षकों को यह चिंता सता रही है कि प्रमोशन पहले हो गए तो आधे शिक्षकों के तबादले फिर फंस जाएंगे। वजह तबादलों के लिए वह शर्त है जिसमें कहा गया है कि पदोन्नति के पद किसी जिले में तबादला तभी होगा जब उस जिले में उनकी मौलिक नियुक्ति तिथि तक प्रमोशन हो चुके हों।
बेसिक शिक्षा परिषद ने अंतरजनपदीय तबादलों के लिए आठ जून को आदेश जारी किया था। तब से अब तक तबादले नहीं हो पाए हैं। इसमें तबादलों के लिए प्रक्रिया और नियमों की भी जानकारी दी गई है। इसमें साफ लिखा है कि शिक्षक एवं शिक्षिका के पदोन्नति के पद पर जिस जिले के लिए अंतरजनपदीय तबादले के लिए आवेदन किया जा रहा है, उस जिले में उनकी मौलिक नियुक्ति तिथि तक पदोन्नति होने की दिशा में ही अर्ह होंगे। उसके बाद शिक्षकों ने आवेदन भी कर दिए लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इधर, प्रमोशन का आदेश जारी कर दिया गया है। यह प्रक्रिया सात नवंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
*ट्रांसफर के बाद प्रमोशन की मांग:*
शिक्षकों को चिंता इस बात की है कि इससे पहले विभिन्न जिलों में अलग-अलग वर्षों में तबादले हुए हैं। उदाहरण के तौर पर लखनऊ और प्रतापगढ़ में 2008 में आखिरी बार तबादले हुए थे। वहीं, सीतापुर और बाराबंकी में 2013 में आखिरी बार तबादले हुए थे। अब यदि किसी शिक्षक ने सीतापुर या बाराबंकी से लखनऊ में तबादले के लिए आवेदन किया है और प्रमोशन पहले हो गया है तो तबादला नहीं हो सकेगा। उसे बाराबंकी से इसलिए रिलीव नहीं किया जाएगा क्योंकि उसकी मौलिक नियुक्ति तिथि तक यहां प्रमोशन पहले नहीं हुए हैं। इस बारे में प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक असोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह का कहना है कि पहले तबादले हो जाते, उसके बाद प्रमोशन करते तो यह स्थिति न बनती। इससे तबादले भी हो जाते और ज्यादा शिक्षकों को प्रमोशन का मौका भी मिलता।
*सुरेन्द्र तिवारी, सचिव-बेसिक शिक्षा परिषद का बयान:*
तबादलों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। फिर भी इस समस्या पर विचार किया जाएगा और कोई रास्ता निकाला जाएगा।

