सोने-चांदी में आई गिरावट निवेशकों को खरीदारी का मौका देगी, इसलिए आ रही गिरावट
सोने-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों का ध्यान फिर अपनी ओर खींचा है। अपने सर्वकालिक उच्चस्तर से सोना करीब 20 प्रतिशत, जबकि चांदी की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। ऐसे में त्योहारी सीजन के दौरान कीमतों में आई यह नरमी खरीदारी के नए अवसर के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि, बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और बैंक ऑफ अमेरिका ने सोने की कीमतों में आगे भी गिरावट आने की आशंका जताई है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 29 जनवरी 2026 को चांदी की कीमत सभी करों सहित 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंची थी। तब से लगातार इसकी कीमतों में गिरावट आई है और यह 202,500 रुपये सस्ती हो चुकी है। बीते शुक्रवार यानी 23 अक्तूबर को भी 5,500 रुपये की गिरावट आई और यह 2,02,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। इसी तरह, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 29 जनवरी 2026 को करीब 1,83,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। तब से लेकर अब तक यह 37,700 रुपये सस्ता हो गया है। शुक्रवार को सोने की कीमत 1,900 रुपये टूटकर 1,46,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई।
चांदी में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत
चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसकी वजह यह है कि चांदी का इस्तेमाल निवेश के अलावा उद्योगों में भी होता है। चांदी की मांग का करीब 50% हिस्सा औद्योगिक इस्तेमाल से आता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरे औद्योगिक उत्पादों में चांदी की जरूरत रहती है। अगर इन क्षेत्रों की मांग बनी रहती है, तो यह कीमतों को लंबे समय में सहारा दे सकती है, लेकिन अगर यहां भी मांग घटती है तो चांदी की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को चांदी में उतनी ही रकम लगानी चाहिए, जितनी पर वे जोखिम उठा सकते हैं। सोने की तरह चांदी में भी चरणबद्ध खरीदारी करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
गिरावट में कैसे करें सोना-चांदी की खरीदारी
1. कच्चा तेल महंगा: महंगाई का जोखिम बढ़ा
2. ऊंची ब्याज दरें : निवेशक सोने के बजाय ब्याज वाले विकल्पों की ओर जा सकते हैं।
3. डॉलर मजबूत हुआ : इससे दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हुआ।
4. बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ा : निवेशकों को बॉन्ड ज्यादा आकर्षक लगने लगे।
5. मुनाफावसूली : लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने सोना बेचकर मुनाफा निकाला।
बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) का मानना है कि सोने की कीमतों में अभी और गिरावट आ सकती है। बैंक के अनुमान के मुताबिक, सोने की कीमत घटकर करीब 3,700 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। भारतीय रुपये में यह कीमत लगभग 1.12 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम बैठती है। बैंक का मानना है कि पिछले कई वर्षों में सोने की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी के बाद बाजार को स्थिर होने के लिए अभी और समय या बड़ी गिरावट की जरूरत पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में पूरी रकम लगाने से बचना चाहिए। ऐसे माहौल में एकमुश्त खरीदारी के बजाय अलग-अलग चरणों में निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। इससे यदि कीमतों में आगे और गिरावट आती है तो दोबारा कम भाव पर खरीदारी का अवसर मिल सकता है।

