UP Teacher Adjustment 2026: समायोजन के बाद भी जॉइनिंग नहीं, 8 हजार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
UP Teacher Adjustment News 2026: समायोजन आदेश जारी होने के बावजूद शिक्षकों के कार्यभार ग्रहण नहीं करने से सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। राजधानी लखनऊ में करीब आठ हजार बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ने की खबर सामने आई है।
लखनऊ। राजधानी के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए समायोजन की प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन आदेश जारी होने के बाद भी कई शिक्षक नई तैनाती वाले विद्यालयों में जॉइनिंग नहीं कर रहे हैं। इसके चलते जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी थी, वहां पढ़ाई की व्यवस्था अब भी प्रभावित बताई जा रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ में करीब 400 विद्यालयों के शिक्षकों का समायोजन किया जाना था। इनमें लगभग 300 शिक्षकों की आपत्तियां न्यायालय में लंबित हैं, जबकि शेष 100 शिक्षकों का समायोजन कोर्ट के आदेश के आधार पर किया गया था।
समायोजन के बाद भी नहीं संभाला कार्यभार
रिपोर्ट के मुताबिक, समायोजन आदेश जारी होने के बाद भी कुछ शिक्षक नए विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। इससे उन विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जहां शिक्षकों की आवश्यकता थी।
समायोजन का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करना और विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराना था। लेकिन जॉइनिंग में देरी के कारण इस उद्देश्य को पूरा करने में परेशानी आ रही है।
दूरी, सुविधाओं और बीमारी का दिया जा रहा हवाला
नई तैनाती को लेकर कुछ शिक्षकों की ओर से दूरी, विद्यालय में पर्याप्त सुविधाओं की कमी और बीमारी जैसी समस्याओं का हवाला दिए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
शिक्षकों का कहना है कि कुछ विद्यालय उनके पुराने तैनाती स्थल से काफी दूर हैं। वहीं, कुछ स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है।
समायोजन सूची की दोबारा समीक्षा की मांग
समाचार में शिक्षक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने समायोजन सूची की दोबारा समीक्षा करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता है, वहां तैनाती के साथ शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं पर भी विचार किया जाना चाहिए।
शिक्षक प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि समायोजन में किसी शिक्षक को उसके निर्धारित ब्लॉक से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए। हालांकि, इन मांगों और नियमों की स्थिति संबंधित विभागीय आदेशों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
नए विद्यालयों में जॉइनिंग नहीं करने पर क्या होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों को चेतावनी दिए जाने की बात कही गई है। यदि शिक्षक निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
इस संबंध में शिक्षकों को अपने समायोजन आदेश, जॉइनिंग की समय-सीमा और विभागीय निर्देशों को ध्यान से देखना चाहिए। किसी भी कार्रवाई या छूट के बारे में अंतिम स्थिति आधिकारिक आदेश से ही स्पष्ट होगी।
विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर
शिक्षकों की कमी और जॉइनिंग में देरी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। ऐसे में समायोजन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना और विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था सुचारु बनाए रखना विभाग के लिए महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष: लखनऊ में शिक्षक समायोजन के बाद जॉइनिंग नहीं होने से विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की खबर है। अब समायोजित शिक्षकों की कार्यभार ग्रहण प्रक्रिया और विभाग की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
स्रोत: संवाद न्यूज एजेंसी की प्रकाशित रिपोर्ट।

