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Tuesday, October 20, 2026

UP Teacher Seniority Rules 1981: नियम 16, 17, 18 और 22 से समझें शिक्षकों की नियुक्ति, पदोन्नति और वरिष्ठता का पूरा नियम

UP Teacher Seniority Rules 1981: नियम 16, 17, 18 और 22 से समझें शिक्षकों की नियुक्ति, पदोन्नति और वरिष्ठता का पूरा नियम

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 (अद्यतन संशोधित) के तहत परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति, पदोन्नति और वरिष्ठता तय की जाती है।




नियमावली के नियम 16, 17, 18 और 22 का प्रशासनिक और कानूनी ढांचा सरल शब्दों में उदाहरण सहित नीचे समझाया गया है:




1. नियम 16: चयन समिति का गठन


   (Selection Committee) मूल बात: यह नियम बताता है कि शिक्षकों की सीधी भर्ती या पदोन्नति प्रक्रिया को संचालित करने के लिए चयन समिति में कौन-कौन से अधिकारी शामिल होंगे।


   समिति की संरचना: इसमें मुख्य रूप से प्राचार्य (DIET), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), और जिला स्तर के अन्य नामित अधिकारी (जैसे शामिल होते हैं।




- कार्य: यह समिति सीधी भर्ती की मेरिट लिस्ट की जाँच करती है और पदोन्नति के समय शिक्षकों के रिकॉर्ड/चरित्र पंजिका की समीक्षा कर चयन सूची स्वीकृत करती है।




💡 उदाहरण:


जब आपके जिले में प्राथमिक विद्यालय से उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रमोशन (पदोन्नति) होना होता है, तो नियम 16 के तहत गठित चयन समिति ही पात्र शिक्षकों की सूची पर विचार करके अंतिम मंजूरी देती है।




2. नियम 17: सीधी भर्ती की चयन सूची (Direct Recruitment Selection List)


   मूल बात: यह नियम सीधी भर्ती से आए शिक्षकों की चयन सूची तैयार करने की प्रक्रिया और उनकी आपसी वरीयता/मेरिट का आधार तय करता है।




- गुणवत्ता अंक (Quality Points): सीधी भर्ती में चयन और मेरिट सूची अभ्यर्थियों के गुणवत्ता अंकों (अकादमिक + लिखित परीक्षा) के आधार पर बनती है। 72825 शिक्षक भर्ती में चयन का आधार केवल UPTET 2011 प्राथमिक के अंक थे।




- आयु का पैमाना: यदि दो अभ्यर्थियों के गुणवत्ता अंक (मेरिट) बिल्कुल बराबर हों, तो अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को चयन सूची में ऊपर स्थान दिया जाता है।


  💡 उदाहरण:


  'निर्भय' और 'अरुण' दोनों का चयन 72825 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत सीधी भर्ती से हुआ।




- यदि मेरिट लिस्ट (गुणवत्ता अंक) में निर्भय का स्थान ऊपर है और अरुण का नीचे, तो नियम 17 के तहत बनाई गई चयन सूची के अनुसार निर्भय वरिष्ठ माने जाएंगे, चाहे अरुण ने स्कूल में निर्भय से 2 घंटे पहले जॉइनिंग ही क्यों न दी हो।




3. नियम 18: पदोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया


   मूल बात: प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति करके उन्हें प्राथमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक या उच्च प्राथमिक विद्यालय का सहायक अध्यापक बनाने की पूरी कानूनी प्रक्रिया नियम 18 में दी गई है।




पात्रता सूची (Eligibility List): नियुक्ति प्राधिकारी (BSA) सबसे पहले निर्धारित न्यूनतम सेवा अनुभव (जैसे 5 वर्ष) पूरा करने वाले शिक्षकों की ज्येष्ठता क्रम में पात्रता सूची बनाते हैं।




उपयुक्तता की जांच (Rejecting the Unfit): पदोन्नति "अनुपयुक्त को अस्वीकार करते हुए ज्येष्ठता के आधार पर" (Seniority-cum-fitness) होती है। यानी यदि किसी शिक्षक पर कोई बड़ा दण्ड या गंभीर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं है, तो उसे वरिष्ठता के अनुसार प्रमोट किया जाता है।


💡 उदाहरण:


मान लीजिए 'संजय' और 'मनोज' दोनों सहायक अध्यापक हैं। संजय, मनोज से सेवा में वरिष्ठ (Senior) है।




- पदोन्नति के समय यदि संजय का रिकॉर्ड बेदाग है, तो नियम 18 के तहत पहले संजय को प्रमोशन का विकल्प मिलेगा।


- यदि संजय के खिलाफ कोई गंभीर दण्ड प्रभावी है, तो चयन समिति संजय (अनुपयुक्त) को छोड़कर मनोज के नाम पर विचार कर सकती है।




4. नियम 22: ज्येष्ठता/वरिष्ठता का निर्धारण (Determining Seniority)


   मूल बात: यह शिक्षकों की वरिष्ठता तय करने का सबसे मुख्य नियम है। किसी भी संवर्ग (Cadre) में शिक्षक की वरिष्ठता उसकी मौलिक नियुक्ति (Substantive Appointment) की तिथि से तय होती है।


   नियम 22 के अंतर्गत निम्नलिखित मुख्य स्थितियाँ आती हैं:


   नियुक्ति तिथि के आधार पर: जिस शिक्षक का मौलिक नियुक्ति आदेश/तिथि पहले की होगी, वह वरिष्ठ होगा।


   समान नियुक्ति तिथि होने पर: यदि दो या अधिक शिक्षक एक ही तारीख को नियुक्त हुए हैं, तो उनकी आपसी वरिष्ठता नियम 17 (सीधी भर्ती की मेरिट यानी चयन गुणांक ) या नियम 18 (पदोन्नति की सूची) में दिए गए क्रम के अनुसार तय होगी। (यदि मेरिट/संवर्ग भी समान हो, तो आयु में बड़े शिक्षक को वरीयता मिलती है)।



अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण (Inter-District Transfer): नियम 22(2) के अनुसार, यदि कोई शिक्षक अपनी इच्छा/सहमति से एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर होकर आता है, तो नए जिले में उसकी वरिष्ठता उस कैडर की सूची में सबसे नीचे (बॉटम सीनियरिटी) कर दी जाती है।




वरिष्ठता सूची का प्रकाशन: नियम 22 के तहत ही BSA द्वारा अनंतिम (Provisional) वरिष्ठता सूची प्रकाशित की जाती है, आपत्तियाँ माँगी जाती हैं और उनके निस्तारण के बाद अंतिम (Final) वरिष्ठता सूची जारी की जाती है।


💡 उदाहरण:




- समान तिथि मामला: 'राकेश' और 'विकास' दोनों ने 31 अक्टूबर 2020 को एक ही भर्ती में कार्यभार ग्रहण किया। चूंकि नियुक्ति तिथि समान है, इसलिए 69,000 भर्ती की चयन सूची (नियम 17) में जिसका मेरिट अंक ऊपर होगा, वह नियम 22 के तहत वरिष्ठ घोषित होगा।


- ट्रांसफर मामला: 'निर्भय सिंह' की मौलिक नियुक्ति 2015 में जनपद 'बाराबंकी' में हुई थी। 2024 में निर्भय सिंह म्यूचुअल/अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण लेकर जनपद 'लखनऊ' में आ गए। नियम 22(2) के तहत जनपद 'लखनऊ' में निर्भय सिंह का नाम 2024 तक कार्यरत वहाँ के सभी कैडर शिक्षकों के सबसे नीचे दर्ज होगा।




नोट-पोस्ट में उल्लिखित जानकारी यथासम्भव त्रुटि रहित है,फिर भी यदि पोस्ट में कोई त्रुटि हो तो उसके लिए हम क्षमा-प्रार्थी हैं।


आपका शुभचिंतक


निर्भय सिंह,लखनऊ।





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