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Friday, December 5, 2025

जिले में तकनीकी कारणों से 15 हजार बच्चों को नहीं मिली यूनिफॉर्म की धनराशि

 जिले में तकनीकी कारणों से 15 हजार बच्चों को नहीं मिली यूनिफॉर्म की धनराशि

लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों के करीब 15 हजार बच्चे सर्दी में ठिठुरते हुए विद्यालय आ रहे हैं। इनके शरीर पर न स्वेटर है और न पैर में जूते व मोजे हैं। कुछ के पास पुरानी यूनिफार्म है तो कुछ बच्चे घर के कपड़े पहनकर स्कूल आ रहे हैं। शिक्षकों के टोकने पर बच्चे दलील देते हैं कि इनके अभिभावकों के खाते में यूनिफार्म, स्वेटर,जूता मोजा व स्टेशनरी के 1200 रुपये खाते में नहीं पहुंचे हैं। इसलिए परिजनों ने स्वेटर व यूनिफार्म आदि नहीं खरीदा है। कुछ अभिभावक स्कूल आकर शिक्षकों पर यूनिफार्म के पैसे भेजने का दबाव भी बना रहे हैं।



लखनऊ में संचालित 1618 प्राइमरी स्कूलों में डेढ़ लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। सरकार की ओर से प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हर वर्ष ड्रेस, स्वेटर, जूता व मोजा एवं स्टेशनरी खरीदने के लिए 1200 रुपये इनके अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिये भेजती है। इस सत्र में यूनिफार्म के 1200 रुपये सवा लाख से अधिक बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजे जा चुके हैं। बहुत से अभिभावकों ने यूनिफार्म व स्वेटर आदि नहीं खरीदे हैं। शिक्षकों का कहना है कि औसतन 20 फीसदी बच्चों के अभिभावकों के खाते में ड्रेस, स्वेटर,जूता, मोजा के 1200 रुपये नहीं पहुंचे।


अभिभावक स्कूल, बैंक के लगा रहे चक्कर


एक शिक्षक बताते हैं कि यूनिफार्म का पैसा अभिभावकों के खाते में न पहुंचने से अभिभावक स्कूल आकर शिक्षकों पर दबाव बनाते हैं। शिक्षक पोर्टल पर दिखाते हैं कि आपके बच्चे के पैसे भेजे जा चुके हैं लेकिन अभिभावक मानने को तैयार नहीं हैं। अभिभावक कहते हैं कि आपने भेजा नहीं है। परेशान अभिभावक बैंक और स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं।

दस्तावेज न होने से अभी तक नहीं पहुंचा पैसा


विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र न होने, गलत विवरण दर्ज होने, बैंक खाते आधार से लिंक न होने आदि तकनीकी वजहों से बच्चों का डेटा सत्यापित नहीं हो पा रहा है। आधार कार्ड बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र जरूरी है, लेकिन जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तहसीलों में काफी लोगों मशक्कत उठानी पड़ती है।


जिन बच्चों के आधार नहीं बने,अभिभावकों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं। उन्हीं बच्चों के यूनिफार्म के पैसे खाते में नहीं पहुंचे हैं। बाकी सभी बच्चों के 1200 रुपये खाते में पहुंच गए हैं। इन बच्चों के आधार प्रत्येक बीआरसी पर बनाए जा रहे हैं। बचे बच्चों के आधार बनते ही इनके पैसे खाते में भेजे जाएंगे। जल्द समस्या का समाधान होगा। विपिन कुमार, बीएसए


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