एक दिन विधायक तो जीवनभर पेंशन, 60 साल शिक्षक तो जीवनभर टेंशन
मुजफ्फरपुर | तिरहुत स्नातक क्षेत्र के विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी ने बिहार विधान परिषद परिसर के बाहर लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी शिक्षकों व कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रतीकात्मक अंदाज में प्रदर्शन किया। अपने हाथों में तराजू लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। तराजू के एक पलड़े पर इंडियन सेवा शर्त और दूसरे पलड़े पर नेपाली वेतनमान लिखा बाट रखकर वेतनमान के पल्ले को हल्का और सेवा शर्त को भारी प्रदर्शित किया। ब्रजवासी ने कहा कि जब कर्मचारियों की सेवा शर्तें भारतीय हैं, तो वेतनमान नेपाली जैसा क्यों?
उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों के साथ अन्याय और भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सुशासन की सरकार है, फिर क्यों तंगहाली है? प्रदर्शन के दौरान उनके शरीर पर लगे बड़े संदेश लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। सबसे प्रमुख संदेश था- 'एक दिन विधायक तो जीवनभर पेंशन, 60 साल शिक्षक तो जीवनभर टेंशन ? क्या यही भारत का संविधान है, जिसमें समता का विधान है? उन्होंने सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, शिक्षकों व कर्मचारियों सम्मानजनक वेतन देने और स लिए समान अधिकार की मांग की।
