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Sunday, October 11, 2026

54 की उम्र में पूरा हुआ दीनानाथ यादव का शिक्षक बनने का सपना, 25 साल के संघर्ष के बाद मिली सरकारी नौकरी

 वेद नारायण मिश्रा, मऊ: उम्र के 54वें पड़ाव पर दीनानाथ यादव ने अपने वर्षों पुराने सपने को साकार कर दिखाया। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मधुबन तहसील क्षेत्र स्थित खोजीपुर उन्दुरा गांव निवासी दीनानाथ का चयन वर्ष 2022 की टीजीटी संस्कृत परीक्षा में हुआ है। उन्हें बलिया जिले के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जवहि दियर में संस्कृत शिक्षक के पद पर तैनाती मिली है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और उनके पूर्व छात्रों में खुशी का माहौल है। 


1997 में शुरू हुआ सफर

दीनानाथ यादव के लिए सरकारी शिक्षक बनने की राह आसान नहीं रही। वर्ष 1997 से शुरू हुआ उनका संघर्ष कई उतार-चढ़ाव से गुजरा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सफलता मिलने में देरी के बावजूद वह लगातार प्रयास करते रहे। आखिरकार उनकी वर्षों की मेहनत रंग लाई और 54 वर्ष की उम्र में उन्हें सरकारी शिक्षक बनने का अवसर मिल गया।


निजी विद्यालय में 18 वर्षों तक किया शिक्षण कार्य

दीनानाथ यादव ने वर्ष 1992 में सर्वोदय डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वर्ष 1997 में बीएड की डिग्री हासिल की और शिक्षण कार्य में जुट गए। वह करीब 18 वर्षों से मधुबन के पांती रोड स्थित बीपीएस पब्लिक इंटर कॉलेज में संस्कृत के अध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे थे। निजी विद्यालय में पढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी भी जारी रखी।



 वर्ष 1992 में सर्वोदय डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वर्ष 1997 में बीएड की डिग्री हासिल की और शिक्षण कार्य में जुट गए। वह करीब 18 वर्षों से मधुबन के पांती रोड स्थित बीपीएस पब्लिक इंटर कॉलेज में संस्कृत के अध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे थे। निजी विद्यालय में पढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी भी जारी रखी।




सरकारी सेवा में चयन पर विद्यालय में दी गई विदाई

टीजीटी संस्कृत परीक्षा में चयन के बाद दीनानाथ यादव को बलिया जिले के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जवहि दियर में नियुक्ति मिली है। सरकारी सेवा में जाने पर बीपीएस पब्लिक इंटर कॉलेज के शिक्षकों ने उन्हें समारोहपूर्वक विदाई दी। उनके सहकर्मियों ने इस उपलब्धि को उनकी लगन, मेहनत और धैर्य का परिणाम बताया।


परिवार और पूर्व छात्रों के लिए बने प्रेरणा

दीनानाथ यादव के परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। उनकी तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। उनका बेटा नागेंद्र यादव पॉलिटेक्निक की पढ़ाई पूरी करने के बाद टाटा, अहमदाबाद में नौकरी कर रहा है। दीनानाथ की सफलता से परिवार के लोग बेहद खुश हैं।



वहीं, लंबे समय तक उनसे शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र भी उनकी उपलब्धि को संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल मान रहे हैं।


शिक्षक साथियों ने दी बधाई

दीनानाथ यादव की सफलता पर विद्यालय के प्रबंधक राम नारायण सिंह सहित दारा सिंह, सुदामा शुक्ल, चंद्रिका यादव, प्रमोद यादव, अमन मौर्य, मनोज कुमार, शिवांग सिंह, संजीत मौर्य और सचिन समेत अन्य लोगों ने उन्हें बधाई दी।


सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि उन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास करते रहते हैं।


54 की उम्र में पूरा हुआ दीनानाथ यादव का शिक्षक बनने का सपना, 25 साल के संघर्ष के बाद मिली सरकारी नौकरी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Primary ka school

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