पितृ विसर्जन के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग
लखनऊ। शिक्षकों ने पितृ विसर्जन के दिन दिए गए अवकाश को सार्वजनिक अवकाश की श्रेणी में रखने की मांग की है । बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित सभी परिषदीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों के अवकाश कैलेंडर में पितृ विसर्जन पर शिक्षक और शिक्षिकाओं दोनों को अवकाश दिया गया है, लेकिन इसे सार्वजनिक अवकाश की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।
शिक्षक संगठनों ने इसी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जब विद्यालयों में इस दिन सभी शिक्षकों को अवकाश दिया जाता है तो इसे सार्वजनिक अवकाश घोषित करने में क्या अड़चन है?परिषदीय विद्यालयों के कैलेंडर में शिक्षिकाओं के लिए हरितालिका तीज, करवा चौथ, संकटा चतुर्थी, हलषष्ठी, जीउतिया व्रत और अहोई अष्टमी जैसे पर्वों पर भी अवकाश का प्रविधान है। वहीं पितृ विसर्जन पर शिक्षक और शिक्षिकाओं दोनों को छुट्टी मिलती है। ऐसे में इसे सामान्य अवकाश और सार्वजनिक अवकाश की अलग-अलग श्रेणियों में रखने से लोगों में भ्रम की स्थिति बनती है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि 10 अक्टूबर को पितृ विसर्जन का अवकाश सभी शिक्षकों के लिए होने के कारण इसकी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। यदि बेसिक शिक्षा परिषद इसे सार्वजनिक अवकाश नहीं मानता है तो अवकाश कैलेंडर में इसकी श्रेणी स्पष्ट रूप से दर्ज की जाए, ताकि विद्यालयों और अभिभावकों के बीच किसी तरह की असमंजस की स्थिति न रहे।
