कोई बच्चा शिक्षा से नहीं रहेगा वंचित : योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति हस्तांतरित की. इस मौके पर सीएम ने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों से कहा कि हर महीने बच्चे के खाते में पैसा जाए, कोई भी पात्र बच्चा छूटने न पाए.
उन्होंने कहा कि पिछली बार कई कारणों से एससी-एसटी वर्ग के 4 लाख बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई. तब पोर्टल को ठीक कराया गया, अब उन वंचित बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिलने जा रही है. धनराशि के अभाव में कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहने पाए. छात्रवृत्ति अल्प आय परिवार के छात्रों के लिए संबल बनेगी. सीएम ने कहा कि हर पात्र बच्चे तक छात्रवृत्ति पहुंचाएंगे. आज 4.60 लाख बच्चों को छात्रवृत्ति मिल रही है. इसे 70 लाख बच्चों तक पहुंचाना है. सरकार ने अब तक लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है.
सीधे अकाउंट में छात्रवृत्ति: सीएम ने कहा कि पहले 100 में से 60-70 बच्चों को ही छात्रवृत्ति का लाभ मिलता था. बाबू और अन्य लोग इस पर डाका डालते थे. आज खाता खोलकर छात्रों का पैसा सीधे उसमें भेजा जाता है. हमारे समय यह व्यवस्था नहीं थी, लेकिन पीएम ने जीरो अकाउंट पर बैंक खाते खुलवा दिए. सीएम योगी ने कहा कि गत वर्ष 69 लाख बच्चों को 6200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई. 9 वर्ष में 4 करोड़ से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति-शुल्क प्रतिपूर्ति मिली है, जबकि 2017 के पहले यह राशि और छात्रों की संख्या भी कम थी. ईमानदारी से प्रयास होगा तो नतीजे भी मिलेंगे: सीएम ने बैठे कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर के संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि परिश्रम का परिणाम आता है. राज्यमंत्री संजीव गोंड जंगलों में भटकते थे, उन्हें लगा कि नौकरी के पीछे नहीं भागना है, बल्कि जनता व जनजातीय समुदाय की आवाज उठाना है. मंत्री असीम अरुण आईपीएस के रूप में एडीजी व कानपुर के पुलिस आयुक्त रह चुके हैं. दानिश आजाद अंसारी और नरेंद्र कश्यप भी संघर्ष के साथ सामाजिक कार्य करते रहे. एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत विधायक व सांसद रहे हैं. अब ये सभी जनता की समस्याओं के समाधान का रास्ता निकालते हैं.
बच्चों से बोले सीएम- आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली
सीएम ने बच्चों से कहा कि आपकी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि यूपी में ऐसे समय में पढ़ रहे हैं, जब पहचान का संकट नहीं है. 2017 से पहले विद्यालयों में शिक्षक नहीं थे, भवन जर्जर थे. बेसिक शिक्षा परिषद में ड्रापआउट रेट 19-20 फीसदी था. सरकार इसे ठीक करने में रूचि नहीं लेती थी. सरकार बनने पर जब हमने अध्ययन कराया तो पता चला कि अधिसंख्य बालिकाएं इसलिए स्कूल छोड़ती थीं, क्योंकि वहां टॉयलेट व पेयजल आदि की व्यवस्था नहीं थी. हमने ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए इसमें सुधार किया. कहा, यूपी के लोग सीना तानकर चलते हैं.
छात्रवृत्ति देने के लिए तय की समयसीमा: सीएम ने कहा कि गत वर्ष अनुसूचित जाति-जनजाति के 26.26 लाख विद्यार्थियों को 2750 करोड़, अल्पसंख्यक वर्ग के 5.89 लाख बच्चों को 360 करोड़, पिछड़ा वर्ग के 37 लाख विद्यार्थियों को 3072 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति दी गई. अल्प आय वर्ग वर्ग के 9.40 लाख बच्चों को छात्रवृत्ति दी गई. तय किया गया कि 2 अक्तूबरऔर 26 जनवरी तक हर हाल में छात्रों तक राशि पहुंच जाए.

