Primary Ka Master Latest Updates👇

Thursday, October 29, 2026

शिक्षक भर्ती की लड़ाई से शुरू हुआ सियासी सफर, बन गए एमएलसी

 शिक्षक भर्ती की लड़ाई से शुरू हुआ सियासी सफर, बन गए एमएलसी

शिक्षक बनने की चाह में संघर्ष कर रहे युवाओं के बीच से निकली एक आवाज ने विधान परिषद तक का सफर तय किया। कभी शिक्षक भर्ती के लिए आंदोलन और अभ्यर्थियों की लड़ाई लड़ने वाले डॉ. मान सिंह यादव सदन में शिक्षकों, बेरोजगारों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों की आवाज बन गए।






2006-07 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से प्रभावित होकर डॉ. मान सिंह यादव ने एक बेरोजगार के तौर पर राजनीति में कदम रखा। उसी समय माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सामने चल रहे शिक्षक भर्ती आंदोलन का डॉ. यादव हिस्सा बने। उस आंदोलन में इतना लोकप्रिय हुए कि उनको संघर्ष समिति के अध्यक्ष बना दिया गया। यह भी एक संयोग रहा कि जिस भर्ती के लिए आंदोलन किया, उसी प्रक्रिया के तहत बाद में शिक्षक भी बने।




समाजवादी पार्टी से जुड़े डॉ. मान सिंह यादव इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधान परिषद सदस्य बने, डॉ. यादव ने दो बार पार्टी की शिक्षक सभा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली और वर्तमान में इसके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। पेशे से शिक्षक डॉ. मान सिंह यादव पब्लिक इंटर कॉलेज, मनौरी में कार्यरत हैं। उन्होंने बीएड, एमएड, नेट और पीएचडी किया है। उनकी पत्नी डॉ. प्रभा यादव भी इसी कॉलेज में अध्यापक हैं। प्रीतमनगर में रहने वाले डॉ. मान सिंह यादव के एक बेटा और एक बेटी है। विधान परिषद में उनकी प्रमुख लड़ाइयों में पुरानी पेंशन की बहाली, 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मानकों का पालन, वित्तविहीन शिक्षकों के लिए सम्मानजनक मानदेय और शिक्षामित्रों के लिए समान कार्य-समान वेतन का मुद्दा प्रमुख रहा है

शिक्षक भर्ती की लड़ाई से शुरू हुआ सियासी सफर, बन गए एमएलसी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

Social media link