UP Board Exam 2027: हर साल एक लाख से ज्यादा घट रहे परीक्षार्थी, पांच साल में 6.79 लाख से अधिक की
कमी
Board Students Data 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या में 6.79 लाख से अधिक की कमी आई है।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में जहां यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 58.84 लाख से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत थे, वहीं वर्ष 2027 की परीक्षा के लिए यह संख्या घटकर लगभग 52.04 लाख रह गई है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में पंजीकृत विद्यार्थियों के आंकड़े
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों में परीक्षार्थियों की संख्या इस प्रकार रही है:
परीक्षा वर्ष पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या
2023 58,84,634
2024 लगभग 55.25 लाख
2025 54,37,174
2026 53,37,432
2027 लगभग 52.04 लाख
वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2027 में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या में लगभग 6.80 लाख की कमी दिखाई दे रही है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में कितने विद्यार्थी पंजीकृत?
वर्ष 2027 में होने वाली यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए रिपोर्ट में निम्नलिखित आंकड़े दिए गए हैं:
हाईस्कूल: 27,75,741 विद्यार्थी
इंटरमीडिएट: 24,28,972 विद्यार्थी
दोनों कक्षाओं को मिलाकर परीक्षार्थियों की कुल संख्या लगभग 52.04 लाख है।
क्यों घट रही है यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों की संख्या?
रिपोर्ट में परीक्षार्थियों की संख्या घटने के कई संभावित कारण बताए गए हैं। इनमें परीक्षा में नकल पर सख्ती, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, ऑनलाइन उपस्थिति पर विशेष ध्यान और दूसरे बोर्डों की ओर विद्यार्थियों का रुख करना शामिल है।
पहले यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों के विद्यार्थी भी पंजीकरण कराते थे। अब परीक्षा व्यवस्था में सख्ती बढ़ने के कारण दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों की भागीदारी में भी बदलाव की संभावना जताई गई है।
हालांकि, परीक्षार्थियों की संख्या में कमी के पीछे किसी एक कारण को जिम्मेदार मानने के लिए विस्तृत आधिकारिक आंकड़ों और विभागीय विश्लेषण की आवश्यकता है।
यूपी बोर्ड के लिए चिंता का विषय
परीक्षार्थियों की लगातार घटती संख्या को लेकर यूपी बोर्ड भी चिंतित बताया गया है। रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव भगवती सिंह के हवाले से कहा गया है कि कुछ विद्यार्थी दूसरे बोर्डों में चले जाते हैं, जिससे यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों की संख्या प्रभावित होती है।
निष्कर्ष: यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या में पिछले पांच वर्षों के दौरान उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस गिरावट के पीछे कौन-कौन से कारण प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

