UP Teacher Cashless Card: आयुष्मान कार्ड वालों की e-KYC होगी या नहीं? जानें जरूरी अपडेट
शिक्षक कैशलेस कार्ड: पहले से आयुष्मान कार्ड बना है तो क्या होगी e-KYC? जानें जरूरी जानकारी
UP Teacher Cashless Medical Card News: उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के पात्र कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस बीच, पहले से आयुष्मान कार्ड रखने वाले शिक्षकों के लिए राशन कार्ड और e-KYC को लेकर एक महत्वपूर्ण सूचना प्रसारित हो रही है।
पहले से आयुष्मान कार्ड है तो ध्यान दें
प्रसारित सूचना में दावा किया जा रहा है कि जिन शिक्षकों का आयुष्मान कार्ड पहले से बना हुआ है, उन्हें चिकित्सा सुविधा का लाभ लेने के लिए राशन कार्ड की आवश्यकता हो सकती है। साथ ही, यह भी दावा किया जा रहा है कि पहले से आयुष्मान कार्ड होने पर शिक्षक कैशलेस कार्ड की e-KYC नहीं होगी।
हालांकि, इन दोनों दावों की पुष्टि संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश से किया जाना आवश्यक है। इन्हें सभी शिक्षकों पर लागू अंतिम नियम न मानें।
शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना में क्या है नियम?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 जनवरी 2026 को बेसिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और अन्य पात्र कार्मिकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
सरकार की घोषणा के अनुसार, जो कर्मचारी या उनके आश्रित पहले से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान अथवा किसी अन्य संबंधित सरकारी स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत कवर हैं, उन्हें शिक्षक कैशलेस योजना का लाभ नहीं मिलने का प्रावधान बताया गया है।
शिक्षकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपका आयुष्मान कार्ड पहले से बना है, तो अपनी पात्रता संबंधित विभाग से स्पष्ट कराएं।
राशन कार्ड की अनिवार्यता के बारे में आधिकारिक आदेश या विभागीय निर्देश देखें।
e-KYC नहीं होने की स्थिति में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय से संपर्क करें।
बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी सूचना को अंतिम नियम मानकर आवेदन प्रक्रिया न रोकें।
महत्वपूर्ण सूचना: पहले से आयुष्मान कार्ड होने पर राशन कार्ड अनिवार्य होने और शिक्षक कैशलेस कार्ड की e-KYC नहीं होने संबंधी दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है। इसलिए संबंधित विभाग से पुष्टि करना जरूरी है।

