WhatsApp AI Controversy: चैटबॉट के 102 निर्देश हटाए, कंपनी ने बताई तकनीकी गड़बड़ी
नई दिल्ली: WhatsApp के AI चैटबॉट से जुड़े निर्देशों को लेकर एक मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, WhatsApp की वेबसाइट के कोड में AI चैटबॉट के लिए ऐसे 102 निर्देश मिले थे, जिनमें शिकायतों पर कानूनी सलाह देने से बचने और कुछ मामलों में डेटा सुरक्षा अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह देने की बात कही गई थी। मामला सामने आने के बाद WhatsApp ने इन सभी 102 निर्देशों को हटा दिया।
AI चैटबॉट को लेकर क्या था मामला?
प्राइवेसी कंपनी रेडैक्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp के AI चैटबॉट से संबंधित कुछ निर्देश वेबसाइट के कोड में मौजूद थे। इनमें अकाउंट डिलीट करने, शिकायत दर्ज कराने और यूजर को ब्लॉक करने जैसी प्रक्रियाओं से जुड़े पेजों के कोड में भी निर्देश मिलने की बात कही गई।
रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ निर्देशों में कानूनी कार्रवाई, अदालत या वकील का जिक्र होने पर कंपनी की शर्तों और गोपनीयता नियमों का हवाला नहीं देने की बात शामिल थी।
WhatsApp ने सभी 102 निर्देश हटाए
मामले के सामने आने के बाद WhatsApp ने संबंधित सभी 102 निर्देश हटा दिए। कंपनी के प्रवक्ता जोशुआ ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया।
उनके अनुसार, ये निर्देश सपोर्ट चैटबॉट को ऐप से जुड़ी जानकारी देने में मदद करने के लिए थे, न कि यूजर्स को कानूनी सलाह देने के लिए। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ये निर्देश वेबसाइट के कोड में कितने समय से मौजूद थे।
यूजर्स की प्राइवेसी पर क्यों उठे सवाल?
AI चैटबॉट अब यूजर्स को अकाउंट, शिकायत और तकनीकी समस्याओं से जुड़ी जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में चैटबॉट को दिए गए निर्देशों की पारदर्शिता और उनकी सही कार्यप्रणाली अहम हो जाती है।
इस मामले ने यह सवाल भी उठाया है कि AI सिस्टम को सहायता देने के लिए तैयार किए गए निर्देशों और कानूनी मामलों में जवाब देने की सीमाओं को किस तरह स्पष्ट रखा जाना चाहिए।

