सैकड़ों अभ्यर्थियों को बेचना था पेपर, कईयों को 50 हजार से एक लाख में भी बेचा गया पर्चा
टीईटी पर्चा लीक कराने वाले गिरोह ने 300 से ज्यादा अभ्यर्थियों को पेपर बेचने की तैयारी कररखी थी। हालांकि इतने अभ्यर्थी गिरोह के सम्पर्क में नहीं आ सके थे।
यही वजह थी कि शुरुआत में एक अभ्यर्थी से तीन से पांच लाख रुपये वसूलने वाले इस गिरोह ने 27 नवम्बर की रात से 50 हजार से एक लाख रुपये तक में भी कई जगह पर्चा दे दिया था। इस गिरोह ने ही कई जगह सॉल्वर बिठाने की भी व्यवस्था करली थी। यह खुलासा एसटीएफ को पड़ताल में हुआ है। दावा किया जा रहा है कि पर्चा लीक कराने के बाद फरार चल रहे तीन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई आर खुलासे होंगे। इनकी धरपकड़ के लिये एसटीएफ की टीमों एसटीएफ 28 नवम्बर को होने वाली टीईटी का पर्चा लीक करने के आरोप में तीन दर्जन से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी कड़ी में यह बात भी सामने आयी है कि अभ्यर्थियों और राय अनूप प्रसाद के बीच की कड़ी बने सत्य प्रकाश पटेल ने वाराणसी और बिहार के दो जिलों में डेरा डाल रखा है। व अन्य ने 300 से ज्यादा अभ्यर्थियों को तीन से पांच लाख रुपये तक में पर्चा देने का टार्गेट रखा था।
सब तय था कि किसे कितना देना है: एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि इन अभ्यर्थियों से मिलने वाली रकम की परीक्षा के दो बाद ही बंदरबांट करनी थी। सब कुछ तय था कि किसे कितनी रकम देनी है।
