पीडीडीयू नगर। पिछले बीस वर्षों नगर का स्वरूप काफी बदल गया है। दो दशकों में आबादी बढ़कर गएशक्षा संसाधनों में बढ़ोतरी नहीं हुई। खासकर सरकारी स्कूलों में कोई इजाफा नहीं हुआ, जो हैं भी उनमें भी संसाधन काफी बदहाल हैं। सरकारी व्यवस्थाओं के पुराने ढरें पर चलने के कारण अभिभावकों के बीच बच्चों को अंग्रेजी मीडियम विद्यालयों में पढ़ाने का क्रेज काफी बढ़ा है। इसके कारण नगर में काफी संख्या में अंग्रेजी मीडियम स्कूल खुले है। इसके अलावा कक्षा एक में प्रवेश से पहले अभिभावक बच्चों को निजी प्ले ग्रुप के स्कूलों में भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र में परिषदीय सहायता प्राप्त व निजी विद्यालयों की कुल संख्या 90 है।
जिसमें दस परिषदीय विद्यालय विद्यालय है। बीस वर्षों के भीतर परिषदीय विद्यालयों की संख्या में इजाफा तो नहीं हुआ लेकिन निजी विद्यालय धड़ल्ले से खुले आज भी सरकारी विद्यालयों में बच्चे टाट पट्टी पर पढ़ने को विवश है। निजी स्कूलों की महंगी फीस के बावजूद अभिभावक बच्चों को अंग्रजी मीडिये स्कूलों में पढ़ा रहे है। कई विद्यालयों में शौचालयों की व्यवस्था ठीक नहीं है। वहीं नगर क्षेत्र में दो माध्यमिक विद्यालय है। इसमें एक विद्यालय का संचालन का राज्य सरकार की ओर से किया जाता है। जबकि दूसरे विद्यालय का संचालन रेलवे करती है। बीस वर्षों के भीतर एक भी सरकारी माध्यमिक विद्यालय नहीं खुला है।
