पेपर लीक पर प्रहार के लिए टास्क फोर्स बनाई
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का प्रदर्शन खत्म होने के एक दिन बाद ही रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधार के लिए हाईपावर टास्क फोर्स गठित करने का ऐलान किया। इसमें छह सदस्य होंगे। इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि अध्यक्ष बनाए गए हैं।
यह विशेषज्ञ समूह विशेष रूप से प्रौद्योगिकी आधारित परीक्षा प्रणाली और संरचनात्मक सुधारों पर काम करेगा। प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि छात्रों के भविष्य के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। जिन्होंने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे जेलों में सड़ रहे हैं।
कठोर कानून ला रहे : प्रधानमंत्री की ओर से गठित उच्च अधिकार प्राप्त टास्क फोर्स में काफी हाई प्रोफाइल बैकग्राउंड के लोगों को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिए हैं। सोमवार को संसद में कठोर सजा के साथ प्रावधान ला रहे हैं,लेकिन हमें भविष्य के बारे में भी सोचना है। हमारी परीक्षा प्रणाली विश्वस्त हो, इसमें सबसे ज्यादा तकनीक का उपयोग हो। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य के लिए अधिक सुरक्षित व तकनीक आधारित व्यवस्था बनाने पर जोर दे रही है। टास्क फोर्स एनटीए की परीक्षा प्रणाली में सुधार की कार्ययोजना तैयार करेगी।

