छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया? राहुल गाँधी ने पूछा गृह मंत्री से लिखित सवाल? माँगा इन पांइट पर लिखित जवाब
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, छात्र प्रदर्शन पर कार्रवाई को लेकर जवाबदेही की मांग
नई दिल्ली, 27 जुलाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। यह पत्र 25 जुलाई 2026 का है।
पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे तथा उनकी शिकायतों का समाधान संवाद के माध्यम से करे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसमें लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल जैसी घटनाएं सामने आईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई छात्र घायल हुए और कुछ महिला छात्रों के साथ भी दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं।
पत्र में राहुल गांधी ने एक घायल छात्र का उल्लेख करते हुए कहा कि पैलेट गन से गंभीर चोट लगने के कारण उसकी आंख की रोशनी जाने का खतरा है। उन्होंने इस घटना की जवाबदेही तय करने की मांग की।
गृह मंत्री से राहुल गांधी ने दो प्रमुख सवाल पूछे हैं—
क्या छात्रों के खिलाफ पैलेट गन सहित बल प्रयोग की अनुमति गृह मंत्रालय की ओर से दी गई थी? यदि नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी?
प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में छात्रों पर लाठी चलाते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या स्वयंसेवक? उनकी तैनाती किसके आदेश पर की गई?
पत्र के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए और छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
नोट: यह समाचार राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री को लिखे गए पत्र में किए गए दावों और मांगों पर आधारित है। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया इस पत्र में शामिल नहीं है।


