एक शिकायत और खत्म हो गई सरकारी नौकरी... जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
बलिया में फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले सहायक अध्यापक जितेंद्र राम को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) मनीष कुमार सिंह ने उनकी नियुक्ति को तिथि से ही शून्य घोषित करते हुए उनके खिलाफ वेतन वसूली और एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।
इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:
स्कूल और तैनाती: जितेंद्र राम बांसडीह विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय रामपुर नौबरार में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे।
फर्जीवाड़ा: उन्होंने अपनी वास्तविक पिछड़ी जाति (कमकर) को छिपाकर, दस्तावेजों में हेरफेर कर खरवार (अनुसूचित जनजाति) का फर्जी प्रमाण पत्र लगाया था। इसी आधार पर उन्होंने 5 सितंबर 2018 को शिक्षक के पद पर नौकरी हासिल की थी।
जांच और खुलासा: रसड़ा क्षेत्र के निवासी त्रिभुवन नारायण सिंह की शिकायत पर तहसीलदार से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी पहले ही उनके भाई का भी ऐसा ही फर्जी प्रमाण पत्र निरस्त कर चुकी थी।
आगे की कार्रवाई: विभाग द्वारा स्पष्टीकरण संतोषजनक न मिलने पर यह कार्रवाई की गई है और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (ABSA) को तत्काल कानूनी कदम उठाने को कहा गया है।
