यूपी समेत 17 राज्यों में मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण होगा, अगले वर्ष पांच राज्यों में होने हैं चुनाव
यूपी में विधानसभा चुनाव-2027 से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए अंतिम बड़ी कवायद शुरू कर दी गई है। एक जनवरी 2027 के आधार पर मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की प्रक्रिया गुरुवार को शुरू कर दी गई है। 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। 11 दिसंबर तक आपत्तियां ली जाएंगी, 28 दिसंबर तक इसका निस्तारण होगा और चार जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
सीईओ नवदीप रिणवा ने गुरुवार को मतदाता सूची के एसएसआर की प्रक्रिया के तहत सभी मतदेय स्थलों का संभाजन व पुनर्गठन का काम दो नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। फिर ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 12 नवंबर को किया जाएगा। 12 नवंबर से लेकर 11 दिसंबर तक इस ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाए।
एसएसआर का उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार
इस एसएसआर का उद्देश्य पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को मतदाता सूची में शामिल करना, इसकी प्रविष्टियों (एंट्री) में सुधार करना और इसमें संशोधन को और बेहतर बनाना है। मालूम हो कि यूपी विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त हो रहा है।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने लिया है फैसला
निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराने का ऐलान किया। इनमें वैसे राज्य भी शामिल हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा इसमें शामिल हैं।
एसएसआर में कब क्या होगा
● मतदेय स्थलों के संभाजन व पुनर्गठन का काम शुरू हो गया है और यह दो नवंबर तक चलेगा, इसमें नए बूथ जोड़े या कुछ पुरानों को बांटा जाएगा।
● 12 नवंबर को एसएसआर के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी
● 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे व आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी
● 28 दिसंबर तक इन दावे व आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा
● चार जनवरी को एसएसआर की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी

