UP Panchayat Election : पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरक्षित सीटें सामान्य नहीं होंगी; 3 महीने में प्रक्रिया पूरी करने का आदेश
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक अहम फैसला सामने आया है। समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के तहत ही कराए जाएं। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित सीटों को केवल आयोग की रिपोर्ट लंबित होने के आधार पर सामान्य श्रेणी में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।
OBC आरक्षण पर क्या कहा हाईकोर्ट ने?
रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पंचायत चुनाव से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद कहा कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), OBC और महिला आरक्षण जारी रहेगा। साथ ही, कुल आरक्षण संविधान और लागू कानूनों के तहत निर्धारित 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।
अदालत ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
OBC आरक्षण के लिए आयोग की रिपोर्ट का मामला
समाचार रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य सरकार ने OBC आरक्षण से संबंधित तथ्यों और आंकड़ों के अध्ययन के लिए पांच सदस्यीय समर्पित आयोग गठित किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने सर्वेक्षण और प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े एकत्र किए, लेकिन कुछ क्षेत्रों में भागीदारी से संबंधित सवाल भी सामने आए।
अदालत ने आरक्षण निर्धारण में संबंधित आंकड़ों और कानूनी प्रावधानों का पालन करने पर जोर दिया।
पंचायतों का कार्यकाल और चुनाव की समयसीमा
पंचायत चुनाव समय पर कराना राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने पंचायतों के कार्यकाल, चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया।
पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। हालांकि, चुनाव की वास्तविक तारीखों और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना महत्वपूर्ण होगी।
पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए क्या मायने?
इस फैसले से पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों के लिए आरक्षण व्यवस्था का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के पदों पर आरक्षण की अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी आदेश और आधिकारिक आरक्षण सूची से ही स्पष्ट होगी।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सीट की श्रेणी, आरक्षण और चुनाव कार्यक्रम की जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग तथा संबंधित जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें।

