69 हजार शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगी चयन सूची, अभ्यर्थियों के नाम अंक व श्रेणी समेत पूरा ब्योरा देने का निर्देश
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में 19 हजार सीटों के आरक्षण विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से भर्ती की चयन सूची समेत अन्य डाटा मांगा है। जस्टिस एसबीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें नाम, क्रमांक, श्रेणी, लिखित परीक्षा के अंक, एटीआरई के अंक और क्वालिटी पॉइंट शामिल करने को कहा गया है। पीठ ने यह भी पूछा कि गलत प्रश्न के कारण एक अंक का लाभ केवल कुछ अभ्यर्थियों को ही क्यों दिया गया।
सुनवाई के दौरान ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की ओर से कहा गया कि सूची दोबारा तैयार होने पर उन्हें भी इसमें शामिल किया जाए। पीठ ने कहा कि लखनऊ हाईकोर्ट के फैसले के बाद यदि सूची दोबारा बनती है तो ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
चयनित शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता अमित पवन ने कहा कि सूची दोबारा बनने पर पहले से चयनित शिक्षकों को बाहर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने 18 नवंबर 2020 के रामशरण मौर्य फैसले का हवाला देते हुए कहा कि तब सुप्रीम कोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों को भर्ती के लिए पात्र माना था।
सुनवाई में बीएड अभ्यर्थियों की संख्या पर भी चर्चा हुई। अमित पवन ने करीब 40 हजार, जबकि आरक्षित वर्ग ने करीब 36 हजार अभ्यर्थी बताए। राज्य सरकार के अधिवक्ता अंकित गोयल ने सही आंकड़े देने के लिए समय मांगा। अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होगी। ब्यूरो

