शिक्षामित्रों ने मनाया काला दिवस
प्रयागराज, । उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के आह्वान पर प्रदेशभर में शिक्षामित्रों ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शनिवार को ‘काला दिवस’ मनाया। 25 जुलाई 2017 को ही शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर सुप्रीम कोर्ट से समायोजन निरस्त हो गया था। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत शिक्षामित्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांगपत्र डीएम और बीएसए के माध्यम से भेजा। मांग की कि टीईटी उत्तीर्ण एवं एनसीटीई मानकों को पूरा करने वाले लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपर टीईटी से छूट देकर सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया जाए।
■ 25 जुलाई 2017 को सहायक अध्यापक पद पर निरस्त हुआ था समायोजन
शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने, 11 माह के स्थान पर 12 माह का मानदेय देने तथा सेवा के दौरान दिवंगत शिक्षामित्रों के आश्रित परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ एक योग्य सदस्य को नौकरी प्रदान करने की भी मांग की। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा प्राथमिक विद्यालयों में विगत 26 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षामित्र आज भी अपने भविष्य, सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। तमाम शिक्षामित्र आज भी अपने घर से 80 से 90 किमी दूर विद्यालयों में कार्य करने को विवश हैं।
इस अवसर पर संघ के जिला संरक्षक सुरेन्द्र पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जनार्दन पांडेय, उपाध्यक्ष विनय सिंह, महामंत्री सुनील तिवारी, दशरथ भारती, घनश्याम दत्त मिश्रा, वंदना श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, नाहिद बेबी, सुधा त्रिपाठी, नीलम, अनामिका पांडेय, रीता शुक्ला, रघवेंद्र सिंह, अमर सिंह यादव, रंजीत यादव आदि मौजूद रहे।

