अनुकंपा पर नियुक्त शिक्षकों को नियमित वेतनमान मिलेगा
पटना, विसं । पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति हरीश कुमार की एकलपीठ ने एकसाथ तीन रिट याचिका पर सुनवाई के बाद अनुकंपा पर नियुक्ति शिक्षकों को नियमित वेतनमान देने का आदेश दिया। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद-14 का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी भेदभाव ठीक नहीं है। समान स्थिति वाले कर्मियों के साथ अलग-अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता।
●पटना हाईकोर्ट ने तीन महीने में नियमित वेतनमान देने का आदेश दिया
●अनुच्छेद-14 का हवाला देते हुए यह निर्णय दिया
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने अनुकंपा पर नियुक्ति के लिए 2006 के नियम लागू होने के पूर्व आवेदन दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने 17 नवंबर 2003 और 16 अप्रैल 2005 को लगाए गए प्रतिबंध के कारण उनके मामलों पर विचार नहीं किया। बाद में जिला अनुकंपा समिति ने 1 जुलाई 2006 के बाद इनके नाम की अनुशंसा तृतीय वर्ग पद के लिए की। इसके बाद इन्हें प्रखंड/नगर शिक्षक के पद पर नियत वेतन पर नियुक्त कर दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने नियत वेतन को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी। उनका कहना था कि उनके पिता की मृत्यु 1 जुलाई 2006 से पहले हुई थी, इसलिए उनके मामले में उसी समय के नियमों के अनुसार विचार होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा समिति की अनुशंसा एक प्रशासनिक और आकस्मिक कार्य है। इसमें देरी के लिए मृत कर्मचारी के आश्रितों को दंडित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने राज्य सरकार के पत्र संख्या-336 को मनमाना, अवैध और भेदभावपूर्ण करते हुए रद्द कर दिया।

