शिक्षकों का जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
पटना। सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप पूर्ण वेतनमान की मुख्य मांग को लेकर शिक्षकों ने शनिवार को जिला मुख्यालयों पर सत्याग्रह किया। सत्याग्रह का आह्वान बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन (गोपगुट) एवं अन्य शिक्षक संगठनों ने किया था। इसके तहत शिक्षकों ने सत्याग्रह मार्च निकाला। सत्याग्रह मार्च के उपरांत शिक्षकों ने संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन सौंपा। बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन (गोपगुट) ने सरकार से अपील की कि वह शिक्षकों की मांगों पर समय रहते सकारात्मक एवं सम्मानजनक पहल करे तथा सातवें वेतनमान के अनुरूप वेतनमान लागू करने सहित सभी लंबित मांगों के समाधान की दिशा में ठोस निर्णय ले। यदि सरकार द्वारा समय रहते शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक पहल कर समाधान नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक आंदोलन को अगले चरण में ले जाने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने घोषणा की कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती दो अक्टूबर से राजधानी पटना में आमरण अनशन शुरू किया जायेगा। संगठन पगुट ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री से आग्रह किया है कि वार्ता एवं सकारात्मक पहल के माध्यम से समस्या का समाधान करने का पर्याप्त अवसर है। यदि मांगों की अनदेखी जारी रहती है, तो आगामी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

