शिक्षा मंत्रालय की बड़ी तैयारी: अब साल में दो बार होंगी JEE, NEET और CUET जैसी प्रवेश परीक्षाएं, शिक्षकों को भी मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों की कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता को कम करने और उन्हें परीक्षा के तनाव से राहत दिलाने के लिए एक नया मसौदा तैयार किया है। इस पहल के तहत कई बड़े बदलावों का सुझाव दिया गया है, जो देश के लाखों छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य बातें (Key Highlights):
साल में दो बार परीक्षा का आयोजन: जेईई (JEE), नीट (NEET) और सीयूईटी (CUET) जैसी बड़ी प्रवेश परीक्षाओं को साल में कम से कम दो बार आयोजित करने का प्रस्ताव है, जिससे छात्रों पर 'करो या मरो' वाला दबाव कम हो सके।
कोचिंग पर निर्भरता होगी कम: छात्रों को महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए जून 2025 में तत्कालीन उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी की अध्यक्षता में गठित 9 सदस्यीय कमेटी ने यह मसौदा तैयार किया है।
स्कूली शिक्षकों का प्रशिक्षण: स्कूली शिक्षकों को प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर के अनुसार छात्रों को पढ़ाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किए जाने का सुझाव दिया गया है।
प्रश्न पत्रों के स्तर में बदलाव: कमेटी ने सुझाव दिया है कि प्रश्न पत्रों का कठिनाई स्तर केवल एनसीईआरटी (NCERT) तक सीमित न हो, बल्कि अन्य बोर्डों के पाठ्यक्रमों के भी अनुरूप हो, ताकि ग्रामीण और राज्य बोर्डों के छात्रों को भी बराबरी का अवसर मिल सके।
तनाव से मुक्ति और आर्थिक राहत: साल में दो बार परीक्षा होने से छात्रों का डर और तनाव खत्म होगा, साथ ही अभिभावकों को कोचिंग की भारी-भरकम फीस से राहत मिलेगी।

